मैनपुरी। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ ने सोमवार को एक किशोरी को राजकीय बालगृह कानपुर भेजा है। किशोरी ने खुद को आठ माह की गर्भवती बताते हुए अपने माता पिता से खुद और अपने गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा को खतरा बताया था।
कोतवाली पुलिस ने सोमवार को एक किशोरी को बाल कल्याण समिति न्यायपीठ के समक्ष पेश किया। पुलिस ने किशोरी की सुपुर्दगी के संबंध में निर्णय देने की मांग की। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ की अध्यक्ष मंजू चतुर्वेदी ने किशोरी से पूछताछ की। किशोरी ने बताया वह आठ माह की गर्भवती है। उसने बताया कि यदि उसे माता-पिता की सुपुर्दगी में दिया जाता है तो उसके गर्भ में पल रहे बच्चे सहित उसकी जान को खतरा है। किशोरी ने बाल कल्याण समिति न्यायपीठ से संरक्षण दिए जाने की मंाग की।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह की मौजूदगी में बाल कल्याण समिति न्यायपीठ ने निर्णय लिया कि किशोरी के संरक्षण के मद्देनजर पुलिस सुरक्षा में उसे राजकीय बालगृह (बालिका) कानपुर भेजा जाए। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ ने पुलिस अभिरक्षा में किशोरी को राजकीय बालगृह (बालिका) कानपुर ले जाने के निर्देश दिए। समित सदस्य रानू द्विवेदी, अरुंधती, डॉक्टर लक्ष्मीराज सिंह, रवींद्र सिंह, कार्यालय प्रभारी ऋषि कुमार मौजूद रहे।