शासन ने डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में कर्मचारी और अधिकारियों के खिलाफ आने वाली शिकायतों का निस्तारण शासनादेश के तहत करने के निर्देश दिए हैं। इनके निस्तारण में अनदेखी न की जाए, जिससे अतिरिक्त कामकाज का बोझ न पड़े।
मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय का पत्र विश्वविद्यालय में आया है। इसमें कहा गया है कि शिकायती पत्रों का निस्तारण शासनादेश की प्रक्रियानुसार नहीं किया जा रहा। इससे हाईकोर्ट के निर्देशों का अनुपालन न होने की स्थितियां उत्पन्न होती हैं। इसमें समूह क के अधिकारी और समूह ख, ग और घ के कर्मचारियों की शिकायतों को संज्ञान में लेने को कहा गया है।
ये भी निर्देशित किया गया है, कई बार सांसद, विधायक के लेटर पैड पर फर्जी शिकायत कर दी जाती हैं। ऐसे में संबंधित जनप्रतिनिधि के यहां पत्र भेजकर इसकी पुष्टि जरूर करवा लेनी चाहिए। पीआरओ डा. गिरिजाशंकर शर्मा ने बताया कि आदेश मिलने के बाद कुलपति ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इसके बाबत निर्देशित कर दिया है।