आगरा में प्रोविजनल डिग्री के बाद अब छात्र घर बैठे माइग्रेशन भी पा सकेंगे। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय जल्द ये राहत देने जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय की तकनीकी टीम ने वेबसाइट पर कार्य शुरू कर दिया है।
विश्वविद्यालय में रोजाना 250 से अधिक माइग्रेशन के लिए आवेदन आते हैं। अभी इसकी फीस बैंक में जमा कर चालान लेकर विश्वविद्यालय में प्रार्थना पत्र जमा कराया जाता है। इसके बाद कर्मचारी माइग्रेशन प्रमाण पत्र तैयार करता है। इस पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर के बाद छात्र को माइग्रेशन फार्म मिल पाता है। इस प्रक्रिया में कम से कम दो से पांच दिन लग जाते हैं। दूरदराज से आने वाले छात्रों को परेशानी भी उठानी पड़ती है।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर माइग्रेशन के लिए लिंक दिया जा रहा है। इसमें छात्र संबंधित फीस भरकर पंजीकरण कराएगा। आवेदन के बाद एक-दो दिन में माइग्रेशन कंप्यूटर पर अपलोड कर दी जाएगी। छात्र उसका प्रिंट निकाल सकेगा।
परीक्षा नियंत्रक डा. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रोविजनल डिग्री की सुविधा होने से विश्वविद्यालय में छात्रों की भीड़ कम हुई और उनको यहां आने की जरूरत भी नहीं पड़ रही। अब जल्द माइग्रेशन भी वह घर बैठे पा सकेंगे, इसके लिए तकनीकी टीम ने कार्य शुरू कर दिया है।