चेतन : पांच साल के देशी नस्ल के इस घोड़े को रामपुर से खरीदा गया था। रंग गहरा काला और ऊंचाई करीब पांच फुट है।
ज्वाला : यह भी पांच साल की उम्र में आया। देशी नस्ल के इस घोड़े का भी रंग भी काला और ऊंचाई तकरीबन पांच फुट है।
हर दिन खर्च होते हैं 500 रुपये
चेतन-ज्वाला के न रहने पर पुलिस के पास 15 घोड़े रह जाएंगे। विभाग के एक घोड़े पर हर दिन लगभग 500 रुपये खर्च किए जाते हैं। उन्हें प्रतिदिन एक किलो चना, दो किलो जौ, एक किलो चोकर, 30 ग्राम नमक और 15 से 25 किलो हरी और सूखी घास दी जाती है। घोड़ों की मुरादाबाद में ट्रेनिंग के बाद इन्हें पुलिस लाइन भेजा जाता है। सुबह और शाम पुलिसकर्मी घोड़ों से गश्त करते हैं।
प्रमुख ड्यूटी कर चुके हैं दोनों
ज्वाला और चेतन को अन्य घोड़ों के साथ शहर के बड़े आयोजन रामबरात, कैलाश मेला, डा. भीमराव आंबेडकर शोभायात्रा में ड्यूटी ली जा चुका है। वे गणतंत्र दिवस की परेड में भी हर साल शामिल होते थे।