संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) आरपी शर्मा
- फोटो : संवाद
उत्तर प्रदेश के आगरा में संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) आरपी शर्मा पर विजिलेंस कार्रवाई की जांच अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग (सीबीसीआईडी) को दी गई है। शासन के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की थी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर जांच सीबीसीआईडी के हवाले की गई है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के निलंबित संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा के खिलाफ शिक्षक अजय पाल ने वेतन जारी करने की एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। विजिलेंस टीम ने 17 अगस्त की शाम को जेडी को उनके कार्यालय के बाहर से तीन लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले पर वीके सिंह विशेष सचिव गृह विभाग और राजेश कुमार सचिव सतर्कता विभाग ने जांच की।
इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर विशेष सचिव राम नगीना मौर्य ने जेडी आरपी शर्मा पर विजिलेंस कार्रवाई की जांच सीबीसीआईडी से कराने का निर्देश दिया। विजिलेंस की ऑडियो ट्रैप प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई है या नहीं, इसकी भी जांच होगी।
माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के प्रदेश कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा का कहना है कि सीबीसीआईडी से जांच कराने के निर्णय का स्वागत करते हैं। यह शिक्षकों की एकजुटता की जीत है।
बयान में खुला था ऑडियो ट्रैप का खेल
जेडी की गिरफ्तारी के बाद प्रधानाचार्य और शिक्षक संगठनों ने जमकर विरोध किया। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचा, तो शासन स्तर से जांच कराई गई। टीम ने 9 सितंबर को सर्किट हाउस में प्रकरण से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज किए थे। कुछ कर्मचारियों को बयान के लिए लखनऊ भी बुलाया गया। तब टीम के सामने ऑडियो ट्रैप का खेल खुला। जिस स्टेनो को ट्रैप किया गया था, उसने अपनी आवाज और मोबाइल नंबर होने से मना कर दिया था।
12 दिन बाद हुआ निलंबन
जेडी आरपी शर्मा को विजिलेंस कार्रवाई के 12 दिन बाद शासन के स्तर से निलंबित किया गया। उनके स्थान पर मनोज गिरी को संयुक्त शिक्षा निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है।