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सीबीआई जांच में पकड़ा गया विश्वविद्यालय में बड़ा खेल, फर्जी प्रमाणपत्रों को ऐसे बनाया गया 'असली'

Fri, 15 Mar 2019 07:39 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा में देहरादून से आई सीबीआई टीम शुक्रवार को पूरे दिन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल परिसर में जमी रही। संबंधित विभागों और चार्ट रूम के कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की। यह तो साफ हो गया है कि जिन चार लोगों के प्रमाणपत्रों की जांच करने टीम आई है, सभी प्रमाणपत्र फर्जी हैं। बाहर से बनाए गए हैं। सत्यापन में विश्वविद्यालय के स्टाफ की मिलीभगत रही। फर्जी प्रमाणपत्र को सत्यापित करके डिस्पैच किया गया।
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उत्तराखंड में नौकरी कर रहे चार लोगों के प्रमाणपत्र के संबंध में शिकायत होने पर सीबीआई जांच कर रही है। दो दिन टीम विश्वविद्यालय में रही। गुरुवार को ही स्पष्ट हो गया था कि सभी के प्रमाणपत्र फर्जी हैं। उस पर फर्जी मुहर लगी है। लिखावट भी अलग है। टीम यह जांच कर रही थी कि फर्जी प्रमाणपत्रों को विश्वविद्यालय में सत्यापित कैसे किया गया?

सूत्रों के मुताबिक एक डिग्री बीएड 2007 की है। एक ने बीकॉम वर्ष 2005-06 व 2007 में दिखाया है। दो की बीए की डिग्री है। सीबीआई टीम ने बीएड, बीकॉम, बीए के साथ चार्ट रूम के स्टाफ से अलग-अलग बात की। हर विभाग के प्रत्येक कर्मचारी से अलग-अलग बात की गई। सीबीआई टीम इसी महीने फिर से आ सकती है।
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विवि से डिस्पैच की गई सत्यापन रिपोर्ट

विश्वविद्यालय के स्टाफ की मिलीभगत से डिग्रियों का फर्जी सत्यापन किया गया। फर्जी नंबर डालकर उसे विश्वविद्यालय से ही डिस्पैच किया गया। सूत्रों के मुताबिक चार्ट में भी फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की गई। बीकॉम की डिग्री में छात्र को प्राइवेट दिखाया गया। जांच में उसका रोल नंबर रेगुलर की सीरीज का पाया गया। जांच पूरी होने के बाद वस्तुस्थिति सामने आएगी। संबंधित विभागों के कर्मचारी आशंकित हैं।

विश्वविद्यालय भी कराएगा जांच

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन भी मामले की जांच कराने की तैयारी में है। यह साफ है कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से ही फर्जी प्रमाणपत्रों को सत्यापित किया गया है। संबंधित वर्षों में विभागों में तैनात प्रभारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की जानी है। कुछ कर्मचारियों के कारण विश्वविद्यालय की छवि खराब हो रही है। जांच हुई तो कई कर्मचारी फंसेंगे। सीबीआई जांच के संबंध में विश्वविद्यालय के अधिकारी भी कुछ नहीं बोलना चाह रहे।
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जांच के लिए फिर आएगी टीम

प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पहुंची टीम को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच में सहयोग दिया गया। चार्ट रूम में भेजा गया। वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। टीम के सदस्यों ने जांच के लिए दोबारा आने की बात कही।

पंजाब पुलिस भी सत्यापन कराने पहुंची

विश्वविद्यालय में शुक्रवार को पंजाब पुलिस के डिप्टी एसपी भी 27 छात्रों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने पहुंचे। इनकी पुलिस में भर्ती हुई है। सत्यापन के लिए छात्रों की सूची काफी पहले भेजी गई थी, देरी होने पर पुलिस खुद विश्वविद्यालय पहुंची। सूत्रों के मुताबिक इन छात्रों के रिकार्ड ठीक हैं। सत्यापन रिपोर्ट दी जा रही है।
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