जगनेर। गांव नौनी में स्थित कवि पातिराम अस्थाई गोशाला में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। आए दिन किसी न किसी गोवंश की मौत हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रदेश सरकार लाखों का बजट गोशालाओं को दे रही है। गोवंशों की देखभाल के लिए कर्मचारी भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद पर्याप्त दाना-पानी गोवंशों को नहीं मिल पा रहा है।
बुधवार को एक गोवंश की गोशाला मे मौत हो गई। रात को गोशाला से बाहर जेसीबी की मदद से उसका दाह संस्कार किया गया। चार दिन पूर्व भी एक गोवंश की मौत हो गई थी। बता दे 23 मार्च से लेकर 22 अप्रेल तक अब तक 14 गोवंशों की कमजोर और बीमारी के चलते मौत हो गई थी। पशु चिकित्सक डा. इंद्रजीत सिंह ने बताया बुधवार को जिस गोवंश मौत हुई। वह चार दिनों से बीमार था। उपचार भी किया गया था। अब गोशाला मे 107 गोवंश हैं। गांव के ग्रामीण जयपाल, रघुनाथ ने बताया कि गोशाला में गोवंशों के लिए उचित व्यवस्था नही है। गोविंद शर्मा ने बताया कि देखरेख के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे हैं। बंटू ने बताया कि सरकार की योजनाओं कोअधिकारी-कर्मचारी पलीता लगाने में जुटे हैं। पोप सिंह का कहना है कि गोशाला में गोवंश की देखरेख की योजना पूरी तरह फ्लॉप है।