मैनपुरी। अदालतों पर काम का बोझ कम करने के लिए नई व्यवस्था की गई है। एमपी, एमएलए के मुकदमे अब सत्र और मजिस्ट्रेट कोर्ट में चलेंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्य विभाजन किया गया है। गंभीर धाराओं के मुकदमे सत्र न्यायालय में और सामान्य धाराओं के मुकदमे मजिस्ट्रेट कोर्ट में चलेंगे।
एमपी और एमएलए के खिलाफ मुकदमे अभी तक अपर जिला जज प्रथम के न्यायालय में चलते थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एमपी, एमएलए के मुकदमों की सुनवाई दो कोर्ट में की जाएगी। एमपी और एमएलए के खिलाफ गंभीर धाराओं वाले मुकदमे सत्र न्यायालय के अपर जिला जज प्रथम के न्यायालय में सुने जाएंगे जबकि सामान्य धाराओं वाले मुकदमों की सुनवाई मजिस्ट्रेट कोर्ट के एसीजेएम कोर्ट में की जाएगी। मुकदमों की धाराओं के हिसाब से कार्य विभाजन कर दिया गया है।
दस मुकदमे हैं लंबित
एमपी, एमएलए कोर्ट में दस मुकदमे लंबित हैं। जिनमें से अधिकांश पूर्व विधायकों के खिलाफ चल रहे हैं। दो मुकदमे दो वर्तमान विधायकों के खिलाफ चल रहे हैं। सुनवाई के लिए इनका बटवारा होने से मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी।
एमपी और एमएलए के खिलाफ अभी तक सत्र न्यायालय में ही मुकदमों की सुनवाई होती थी। हाईकोर्ट की व्यवस्था के तहत अब धाराओं के हिसाब से सत्र और मजिस्ट्रेट न्यायालय में सुनवाई होगी।
वीरेंद्र कुमार मिश्रा, डीजीसी फौजदारी