उत्तर प्रदेश के आगरा में हाईवे पर एक रात में लूट की तीन वारदात करने वाले आलोक यादव पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। उसके गैंग में पांच सदस्य और हैं। उनकी उम्र 25 साल से अधिक नहीं है। पुलिस ने पूर्व में आरोपियों को जेल भेजा था। अब एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। गैंग लीडर सहित दो आरोपी जेल में हैं।
आलोक यादव का नाम वर्ष 2023 में सामने आया था। उस पर एक के बाद एक वारदात को अंजाम देने का आरोप है। दयालबाग में दो युवकों को गोली मारकर घायल कर दिया था। बाद में एत्माद्दाैला स्थित एक ढाबे पर फायरिंग की थी। बाद में खंदारी पर आईएसबीटी फ्लाईओवर पर एक के बाद एक लूट की तीन वारदात को अंजाम दिया। इन घटनाओं को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया था।
हाईवे पर घटनाएं दयालबाग चौकी क्षेत्र में हुई थीं। पुलिस आलोक को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। वह गैर जनपद में किसी अन्य मुकदमे में समर्पण कर गया था। पुलिस हाथ मलती रह गई थी। पुलिस ने गैंग के सदस्यों को जेल भेजा था। आलोक यादव ने रंगबाजी के लिए अपना गैंग बनाया था। वह वीडियो बनाता था। बाइकों पर गैंग चलता था। पुलिस से भी भिड़ते थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि आलोक यादव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें गैंग के सदस्यों के रूप में श्याम सुंदर, निमेष चौहान, अमन, परमजीत उर्फ काके और गुलशेर उर्फ गोविंदा शामिल हैं। आलोक और परमजीत जेल में हैं। अन्य जमानत पर बाहर आ चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों को गिरफ्तार करेगी। गैंग पर शिकंजा कसने के लिए अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।