उत्तर प्रदेश के आगरा में अतिथि देवो भव... की भावना बुधवार को फतेहपुर सीकरी में तार-तार हो गई। अमेरिकी महिला पर्यटक से सीएनजी बस पार्किंग में टिकट क्लर्क ने अभद्रता की। पर्यटक की शिकायत पर मामले में जांच शुरू हो गई है। दूसरी तरफ, ताजमहल में भ्रमण के दौरान न्यूजीलैंड के पर्यटक के पैर से खून बहने लगा। जिसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह भी पढ़ेंः- UP: डाकघर में लाखों का गबन, क्लर्क ने खाते से उपभोक्ता का नाम हटाकर अपना दर्ज किया; उड़ा दिए 18 लाख फतेहपुर सीकरी में 21 सितंबर को तुर्की सुल्ताना महल से गिरकर फ्रांसीसी पर्यटक की मौत का मामला ठंडा नहीं पड़ा। बुधवार को अमेरिकी पर्यटक अभद्रता का शिकार हो गई। घटना करीब शाम सवा चार बजे की है। अमेरिका महिला पर्यटक डेनिस विलियम अपने दो अमेरिकी मित्रों व गाइड के साथ फतेहपुर सीकरी स्मारक को देखने पहुंची थी। स्मारक तक जाने के लिए सीएनजी पार्किंग से बस में चढ़ने के लिए गाइड शाकिर कुरैशी ने टिकट क्लर्क अली को तीन टिकटों के लिए 100 रुपये दिए। एक टिकट 30 रुपये का था। क्लर्क ने 10 रुपये नहीं लौटाए। गाइड ने आपत्ति जताई तो क्लर्क और गाइड के बीच विवाद हो गया। पर्यटक ने मामला शांत कराने की कोशिश की तो आरोप है कि टिकट क्लर्क ने पर्यटक से अभद्रता की। सीएनजी बस से पर्यटक स्मारक पहुंचे। जहां महिला पर्यटक ने अपने साथ हुए अभद्र व्यवहार का शिकायत दीवान ए आम स्थित टिकट विंडों पर दर्ज कराई। शिकायत पर एएसआई के संरक्षण सहायक दिलीप सिंह ने आगरा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। सीएनजी बस पार्किंग का संचालन आगरा विकास प्राधिकरण करता है। वहीं, इस मामले में एसीपी ताज सुरक्षा अरीब अहमद का कहना है कि अमेरिकी पर्यटक के साथ हुई अभद्रता मामले में गहराई से जांच कराई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि रात 8 बजे पुलिस ने अभद्रता करने वाले क्लर्क अली, कैंटीन संचालक धर्मवीर और पार्किंग प्रभारी रोहित शर्मा को थाने बुलाया। सभी से पूछताछ की जा रही है। पर्यटक के पैर से बहता रहा खून न्यूजीलैंड से आए बुजुर्ग पर्यटक के पैर से ताजमहल में खून बहता रहा। बाएं पैर से रक्तस्राव अधिक होने पर उपचार के लिए एबुलेंस मंगाई। एंबुलेंस से विदेशी पर्यटक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इससे पहले पैर से खून बहने पर स्मारक में ही पर्यटक को प्राथमिक उपचार दिया गया। बताया गया है कि पर्यटक के पैर में पहले से जख्म था। स्मारक भ्रमण के दौरान जख्म से खून बहने लगा। व्हील चेयर से पर्यटक को पूर्वी गेट लाया गया। जहां से एंबुलेंस से निजी अस्पताल भेजा गया। पर्यटक के पास उस समय कोई पहचान पत्र मौजूद नहीं होने के कारण नाम, पता व अन्य विवरण उपलब्ध नहीं हो सका।