आगरा में तैनात रहे खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के तत्कालीन सहायक खाद्य आयुक्त अजय जैसवाल, जिला अभिहित अधिकारी श्वेता सैनी और उनके पति विशाल सैनी विजिलेंस जांच में फंस गए हैं। व्यापारी पप्पू कुशवाहा की शिकायत के बाद हुई जांच में आरोप की पुष्टि हुई। इस पर विजिलेंस थाना में निरीक्षक श्याम सिंह पीलवाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। श्वेता सैनी वर्तमान में एटा में जिला अभिहित अधिकारी के पद पर तैनात हैं। वर्ष 2018 में व्यापारी की फर्म पर छापेमारी के दौरान वसूली के आरोप लगाए गए थे।
शिकायतकर्ता पप्पू कुशवाहा का आरोप था कि तब छापेमारी के दौरान खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त अजय जैसवाल और जिला अभिहित अधिकारी श्वेता सैनी आईं थीं। उन्होंने छापेमारी से अफरातफरी का माहौल पैदा कर दिया। जेल भेजने की धमकी दी। पांच लाख रुपये की मांग की। श्वेता सैनी के पति विशाल सैनी भी टीम के साथ आए थे। वह थोड़ी दूर खड़े थे। रुपये नहीं देने पर धमकी दी गई कि जैसा सपा सरकार में जेल भिजवाया था, वैसा ही इस बार भी जेल भिजवा देंगे।
चेकिंग के दौरान गल्ले में रखे साढ़े चार लाख रुपये निकाल लिए गए। खानापूर्ति के नाम पर मिल्क पाउडर का सैंपल भर लिया। घर बुलाया। वो अगले दिन उनके घर गए तो विशाल सैनी और अजय जैसवाल ने भाइयों की फर्म पर कार्रवाई से बचने के लिए 15 लाख रुपये की मांग की। बाद में किसी तरह चार लाख रुपयों का इंतजाम किया। यह उन्हें दे दिए। इसके बावजूद अधिकारी और रुपयों की मांग कर रहे थे। चार नवंबर 2018 को श्वेता सैनी और विशाल सैनी से घर जाकर मिले। उन्हें अपनी मजबूरी बताई। कहा अब कोई रकम नहीं दे सकते। इस पर वो मान गए।
मामले की शिकायत पर जांच हुई थी। दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। पप्पू कुशवाहा ने घर पर मिलने के दौरान ऑडियो बनाया था। यह ऑडियो शिकायत में अधिकारियों तक पहुंचाया था। यह वायरल हुआ था।