फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रूरता से मार डाली पालतू कुतिया, मेनका गांधी की संस्था के दखल के बाद 13 लोगों पर मुकदमा

Mon, 02 Dec 2019 12:44 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
पालतू कुतिया का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा के थाना जगदीशपुरा के नगला बेर में एक कुतिया को क्रूरता से मार डाला गया। कुतिया पालतू थी। उसके स्वामी ने तीन नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपल्स फॉर एनीमल्स (पीएफए) के दखल के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
विज्ञापन


नगला बेर, भीम नगर निवासी करतार सिंह निगम ने बताया कि वो तीन साल पहले एक कुत्ता और कुतिया लेकर आए थे। कुतिया का नाम ट्विंकल रखा था। 27 नवंबर को सुबह आठ बजे उनकी कुतिया नगला बेर में नाले के पास मृत पड़ी मिली। वो गर्भवती भी थी। 

कुछ लोगों ने बताया कि उसे टाइगर, उमेश, सीपू और 8-10 अन्य लोग ले गए थे। कुतिया को सिर में मारा गया था। नुकीली वस्तु से आंख फोड़ी गई थीं। उसके साथ बर्बरता भी की गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। वो थाने गए। मगर, मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। 
विज्ञापन


इस पर पीएफए संस्था की अध्यक्ष सांसद मेनका गांधी के पीआरओ को मामले से अवगत कराया। संस्था की ओर से फोन आने पर पुलिस हरकत में आई। मुकदमा दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि धारा 429 में मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद लोगों से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन

पुलिस मांग रही थी कुतिया का राशन कार्ड

करतार सिंह ने बताया कि जब वो थाने गए तो पुलिसकर्मियों ने पूछताछ शुरू कर दी। कहा कि कैसे मानें कि कुतिया तुम्हारी थी। इसका सुबूत लेकर आओ। कोई पहचान पत्र दिखाओ। घर के राशन कार्ड में नाम लिखा है या नहीं। इस पर करतार सिंह ने कहा कि कुतिया का नाम राशन कार्ड में कैसे आ सकता है। इस पर पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के लौटा दिया।

पांच साल तक हो सकती है सजा 

पुलिस के मुताबिक, आईपीसी की धारा 429 के तहत 50 रुपये से ज्यादा कीमत वाले पालतू जानवर को मारने या उसके साथ किसी तरह की क्रूरता करना जुर्म है। इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें