आगरा के नेशनल हाईवे के अबुल उला दरगाह के सामने अवैध बस स्टैंड की वजह से शुक्रवार सुबह भर्ती बोर्ड के डीआईजी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का परिवार हादसे का शिकार हो गया। बस चालक के ब्रेक लगाने से पीछे आ रही कार जा टकराई। कार में सवार डीआईजी के भाई-भाभी सहित 3 लोग गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया। बस को छोड़कर चालक भाग निकाला। अवैध बस स्टैंड की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद यातायात पुलिस का ध्यान नहीं है। चालान के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है। डीआईजी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज आगरा में एसपी सिटी रह चुके हैं। उनकी मां बीमार हैं। वह लखनऊ के अस्पताल में भर्ती हैं। उनके बड़े भाई 70 वर्षीय सत्यव्रत अशोक दिल्ली में रहते हैं। मां को देखने के लिए डीआईजी के भाई-भाभी शकुंतला और परिवार की आशा मिश्रा कार से लखनऊ जा रहे थे। सत्यव्रत अशोक चालक के बगल वाली सीट पर बैठे थे। चालक दिल्ली का राजू था।
नेशनल हाईवे पर भगवान टॉकीज फ्लाईओवर से आगे अबुल उला कट हाईवे पर बसों को रोककर चालक सवारियां बैठाते हैं। सत्यव्रत अशोक की कार के आगे भी एक बस चल रही थी। बस चालक ने सवारी देख अचानक ब्रेक लगा दिया, इससे कार टकरा गई। कार चालक बच गया। सत्यव्रत सहित अन्य घायल हो गए। घटना के बाद लोग जुट गए। किसी तरह कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। घायलों को दिल्ली गेट स्थित अस्पताल ले गई। सत्यव्रत को ज्यादा चोट लगी है। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। उनके सिर में 10 टांके लगे हैं।
20 किलोमीटर में 8 अवैध बस स्टैंड
यातायात पुलिस दोपहिया और चार पहिया वाहनों के यातायात नियम तोड़ऩे के लिए अभियान चला रही है। मगर, हाईवे पर हादसों के लिए जिम्मेदार वाहनों के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सिकंदरा से लेकर कुबेरपुर तक 20 किमी में हाईवे पर 8 जगह अवैध बस स्टैंड बने हैं। इनमें सिकंदरा चौराहे के दोनों ओर, आईएसबीटी पर खंदारी से सिकंदरा आने वाली लेन पर, अबुल उला कट पर, वाटरवर्क्स फ्लाईओवर पर दोनों तरफ, रामबाग फ्लाईओवर, शाहदरा, छलेसर और कुबेरपुर तक के स्टैंड शामिल हैं। वाहनों के रुकने से एक तरफ जाम लगता है, दूसरी तरफ हादसे भी हो जाते हैं। इसके बावजूद पुलिस की कोई कार्रवाई न होने से अवैध बस स्टैंड पर रोक नहीं लग पा रही है। यातायात पुलिस के अधिकारी भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं करा रहे हैं।
दिल्ली से आया परिवार
घटना की जानकारी पर दिल्ली से आगरा परिवार आ गया। डीआईजी का परिवार होने के कारण पुलिस पहले से ही सक्रिय थी। तुरंत इलाज दिलाया गया। थाना हरीपर्वत पुलिस को लगाया गया था।