मैनपुरी। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में चिकित्सक नहीं है तो स्थापना के 12 साल बाद भी कैंसर यूनिट का ताला नहीं खुल सका। चिकित्सकों की कमी के कारण जिले के लोगों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। तो कैंसर यूनिट का ताला न खुलने से जिले में हर साल से 100 से लेकर 150 मरीजों की मौत हो जाती है। जिले के लोगों के लिए चिंता का विषय है कि आखिर कैंसर यूनिट का ताला कब खुलेगा?
मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 26 पदों से 14 पद रिक्त हैं। जिला अस्पताल में वर्तमान में 12 चिकित्सकों की तैनाती है। वर्ष 2005 में तत्कालीन सपा सरकार ने जिले में कैंसर यूनिट की घोषणा की थी। कैंसर यूनिट के लिए सात करोड़ की धनराशि जारी कर दी थी। वर्ष 2008 में कैंसर यूनिट बनकर तैयार भी हो गई थी। वर्ष 2010 में कैंसर यूनिट के लिए दो करोड़ की मशीनें भी स्थापित करा दी गईं लेकिन इसके बाद भी अब यहां चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी।
मुंह और गले के कैंसर रोगी सर्वाधिक
मैनपुरी। जिले में मुंह के कैंसर रोगी सर्वाधिक हैं। इसके पीछे प्रमुख कारण तंबाकू का अधिक सेवन है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रति माह औसतन 40 से 50 कैंसर रोगी रेफर किए जा रहे हैं। एक वर्ष में औसतन 200 से 300 रोगी कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिले में कैंसर की जांच या उपचार की सुविधा न होने से मरीजों को ग्वालियर अथवा आगरा जाना पड़ता है।
2020 में तीन बार आई जांच के लिए टीमें
मैनपुरी। वर्ष 2020 में कैंसर यूनिट खोलने के लिए आवाज उठाई गई। इसके लिए लखनऊ से तीन बार जिले में जांच टीम भी पहुंची लेकिन कार्यदायी संस्था सीमेंस ने बताया कि यहां स्थापित मशीनें खराब हो चुकी हैं। उपकरण ठीक नहीं कराए जा सकते हैं। जिला अस्पताल प्रशासन ने लखनऊ से मशीनों की जांच के लिए दो बार टीम बुलाई। इस टीम ने बताया कि मशीनों को नए स्तर से स्थापित करने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसके बाद कैंसर यूनिट शुरू होने का सपना टूट गया।
बोले लोग
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। लोगों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। बेहतर उपचार के लिए लोगों को महानगरों के लिए जाना पड़ता है।
सचिन पिपिल
शहर में कैंसर यूनिट की स्थापना सफेद हाथी साबित हो रही है। पता नहीं कब यहां चिकित्सकों की तैनाती होगी और लोगों को कैंसर का इलाज मिल सकेगा।
ज्ञानेंद्र कुमार
वित्तमंत्री को इस बजट में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे नगर के लोगों को विशेष उपचार मिल सके।
चंद्रशेखर
जिले के लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार होगा। कैंसर यूनिट के लिए भी बजट प्राप्त होगा।
रजनीश कुमार