पोस्टमार्टम ड्यूटी पर चिकित्सक और कर्मचारियों के आने का समय सुबह आठ बजे का है। लोगों ने बताया कि हर रोज स्टॉफ दोपहर दो बजे के आसपास ही यहां आता है। इस बीच मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के लिए परेशान होते रहते हैं। आबकारी मंत्री की चेतावनी के बाद कितना सुधार होगा यह समय बताएगा।
नहीं मिला डीप फ्रीजर
पोस्टमार्टम हाउस पर शवों के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था है, लेकिन अधिकांश फ्रीजर खराब हैं। हरी सिंह का शव भी मोर्चरी में पटिया पर रख दिया गया। परिजनों के अनुसार शव के लिए पोस्टमार्टम हाउस पर डीप फ्रीजर नहीं दिया गया।
सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा रही है। चिकित्सकों की कमी चल रही है, फिर भी समय से पोस्टमार्टम कराए जा रहे हैं। पंचनामा और अन्य जरूरी अभिलेखों में पुलिस देरी करती है जिसके चलते शव को मोर्चरी में रखवाना पड़ता है। रुई से आए शव की पंचनामा रिपोर्ट और अन्य अभिलेख शुक्रवार की देर रात तक प्राप्त नहीं हुए थे।
आबकारी मंत्री रामनरेश अग्रिहोत्री ने कहा कि सीएमओ को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। सुधार नहीं होने पर जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।