फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैबिनेट मंत्री ने किया व्यवस्थाओं का 'पोस्टमार्टम', खुल गई स्वास्थ्य विभाग की पोल

Sun, 30 Aug 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी

सार

  • मोर्चरी में शुक्रवार से रखा हुआ था शव, नहीं किया पोस्टमार्टम
  • पीड़ित की शिकायत पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री, स्टाफ को लगाई फटकार 
विज्ञापन
पोस्टमार्टम हाउस पर कैबिनेट मंत्री व अन्य लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मैनपुरी के जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात चिकित्सक तय समय से ड्यूटी पर नहीं आते हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की पोल सरकार के कैबिनेट मंत्री के सामने खुल गई। समय से चिकित्सक के पोस्टमार्टम ड्यूटी पर न आने की शिकायत पर खुद कैबिनेट मंत्री पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। उनकी फटकार के बाद आनन-फानन में चिकित्सक ड्यूटी पर पहुंचा और शव का पोस्टमार्टम हुआ। 

विज्ञापन


थाना भोगांव क्षेत्र के गांव रुई निवासी 55 वर्षीय किसान हरी सिंह की मौत शुक्रवार दोपहर बाद करंट लगने से हो गई थी। पुलिस ने शाम को शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को परिजन समय से पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के चक्कर काटते रहे, लेकिन दोपहर तक डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। 


शनिवार दोपहर तक जब शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ तो परिजनों ने मामले की जानकारी आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री को दी। दोपहर करीब डेढ़ बजे आबकारी मंत्री पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एके पांडेय को फोन करके ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की लापरवाही पर नाराजगी जताई। इसके बाद चिकित्सक पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे। तब जाकर दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हो सका।

विज्ञापन
विज्ञापन

आबकारी मंत्री की चेतावनी के बाद सुधरेगी व्यवस्था ?

पोस्टमार्टम ड्यूटी पर चिकित्सक और कर्मचारियों के आने का समय सुबह आठ बजे का है। लोगों ने बताया कि हर रोज स्टॉफ दोपहर दो बजे के आसपास ही यहां आता है। इस बीच मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के लिए परेशान होते रहते हैं। आबकारी मंत्री की चेतावनी के बाद कितना सुधार होगा यह समय बताएगा। 

नहीं मिला डीप फ्रीजर 

पोस्टमार्टम हाउस पर शवों के लिए डीप फ्रीजर की व्यवस्था है, लेकिन अधिकांश फ्रीजर खराब हैं। हरी सिंह का शव भी मोर्चरी में पटिया पर रख दिया गया। परिजनों के अनुसार शव के लिए पोस्टमार्टम हाउस पर डीप फ्रीजर नहीं दिया गया। 

सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा रही है। चिकित्सकों की कमी चल रही है, फिर भी समय से पोस्टमार्टम कराए जा रहे हैं। पंचनामा और अन्य जरूरी अभिलेखों में पुलिस देरी करती है जिसके चलते शव को मोर्चरी में रखवाना पड़ता है। रुई से आए शव की पंचनामा रिपोर्ट और अन्य अभिलेख शुक्रवार की देर रात तक प्राप्त नहीं हुए थे।  

आबकारी मंत्री रामनरेश अग्रिहोत्री ने कहा कि सीएमओ को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। सुधार नहीं होने पर जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें