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UP: विदेशी असलहे की खरीद-फरोख्त...भाजपा नेता को भी बेचा गया एक शस्त्र, STF जांच में बड़ा खुलासा

Tue, 27 May 2025 09:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

विशाल भारद्वाज ने विदेशी असलहे की खरीद-फरोख्त और फर्जी डुप्लीकेट लाइसेंस के मामले में कई शिकायतें की। जिला प्रशासन ने इन शिकायतों को दबा कर रखा। मामला सीएम तक पहुंचा, तब केस दर्ज हो सका। 
 
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ओडिशा एसटीएफ ने अवैध हथियार तस्करी के मास्टरमाइंड को मुंगेर से पकड़ा - फोटो : AI Image- Freepik
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विस्तार
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आगरा में विदेशी असलहे की खरीद-फरोख्त और फर्जी डुप्लीकेट लाइसेंस बनाने के मामले में जिला प्रशासन से लेकर पुलिस अधिकारियों तक पीड़ित विशाल भारद्वाज ने शिकायत की थी। मगर, प्रशासन ने इसे दबाए रखा। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से गोरखपुर मठ में मुलाकात कर शिकायत की, तब केस दर्ज किया गया।
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आननफानन मामला एसटीएफ के पास भेजा गया। एसएसपी एसटीएफ ने आगरा यूनिट के एएसपी को जांच के आदेश दिए। जांच शुरू होने पर आरोपियों ने जांचकर्ता पर दबाव भी बनाया। कानूनी नोटिस भेजकर कोर्ट में वाद दर्ज कराने की धमकी तक दी। मगर, एसटीएफ की जांच के आगे आरोपियों की नहीं चल सकी।

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शास्त्रीपुरम निवासी विशाल भारद्वाज ने बताया कि उनका 10-12 साल से जमीन की खरीद-फरोख्त का कारोबार है। 7-8 साल पहले भूपेंद्र सारस्वत से मुलाकात हुई थी। वह भी जमीनों का कारोबार कर रहा था। उनका जायदाद केंद्र के नाम से कारोबार है। जमीनों की बिक्री पर दोनों के बीच लेन-देन होता था।

 

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में प्लाॅट की खरीद में रकम दी थी। बाद में पता चला कि प्लाॅट के फर्जी दस्तावेज बनाए गए हैं। आरोप लगाया कि भूपेंद्र ने रुपये वापस नहीं किए। इस पर विवाद हो गया। इस संबंध में अपर पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया। जांच के बाद केस दर्ज करने का आदेश हुआ। मगर, बाद में भूपेंद्र सारस्वत ने भी शिकायत कर दी। उसका भी केस दर्ज करने का आदेश हुआ।

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एक ही मामले में दो केस के आदेश पर सवाल भी उठाए गए। मीडिया में मामला आने पर तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने जांच कराई। बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज करा दिए। विशाल ने अवैध शस्त्र और डुप्लीकेट लाइसेंस के मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में की। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की गई। तब वो मुख्यमंत्री से मिले। उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपियों को नोटिस देकर बुलाया जाएगा। उन पर .30 एमएम के यूरोपियन शस्त्र होने की जानकारी एसटीएफ को मिली है। इन्हें भी जब्त किया जाएगा।

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मिल चुकी है धमकी
विशाल भारद्वाज ने बताया कि उन्हें धमकी मिल चुकी है। 12 मई 2024 को उन पर हमला हुआ था। वह पुलिस से शिकायत करने गए। मामूली धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई। बाद में उन्हें धमकी मिलने लगीं। अब भी जान का खतरा है। उन्होंने एसटीएफ से अपनी सुरक्षा के लिए कहा है।

 
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भाजपा नेता को भी बेची पिस्टल
एसटीएफ की जांच में पता चला कि एक शस्त्र भाजपा नेता को भी बेचा गया था। उन्हें भी शस्त्र खरीद की रसीद नहीं दी गई।
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