शास्त्रीपुरम निवासी विशाल भारद्वाज ने बताया कि उनका 10-12 साल से जमीन की खरीद-फरोख्त का कारोबार है। 7-8 साल पहले भूपेंद्र सारस्वत से मुलाकात हुई थी। वह भी जमीनों का कारोबार कर रहा था। उनका जायदाद केंद्र के नाम से कारोबार है। जमीनों की बिक्री पर दोनों के बीच लेन-देन होता था।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में प्लाॅट की खरीद में रकम दी थी। बाद में पता चला कि प्लाॅट के फर्जी दस्तावेज बनाए गए हैं। आरोप लगाया कि भूपेंद्र ने रुपये वापस नहीं किए। इस पर विवाद हो गया। इस संबंध में अपर पुलिस आयुक्त को प्रार्थनापत्र दिया। जांच के बाद केस दर्ज करने का आदेश हुआ। मगर, बाद में भूपेंद्र सारस्वत ने भी शिकायत कर दी। उसका भी केस दर्ज करने का आदेश हुआ।
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एक ही मामले में दो केस के आदेश पर सवाल भी उठाए गए। मीडिया में मामला आने पर तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने जांच कराई। बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज करा दिए। विशाल ने अवैध शस्त्र और डुप्लीकेट लाइसेंस के मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में की। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की गई। तब वो मुख्यमंत्री से मिले। उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपियों को नोटिस देकर बुलाया जाएगा। उन पर .30 एमएम के यूरोपियन शस्त्र होने की जानकारी एसटीएफ को मिली है। इन्हें भी जब्त किया जाएगा।
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