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फर्जी लाइसेंस से शस्त्रों की खरीद-फरोख्त: जेल से कुख्यात ने दी धमकी, पुलिस ने केस तक दर्ज नहीं किया

Wed, 28 May 2025 09:20 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

अवैध विदेशी शस्त्र और फर्जी डुप्लीकेट लाइसेंस प्रकरण की शिकायत करने वाले व्यापारी विशाल भारद्वाज को लगातार धमकी मिल रही थी। पुलिस ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की । एक बार बदमाशों का हमला हुआ, तो जेल से कुख्यात की धमकी भी झेलनी पड़ी। इसके बाद भी पुलिस मामले को दबाने में लगी रही।
 
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पिस्टल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के थाना नाई की मंडी में अवैध शस्त्र और फर्जी लाइसेंस बनवाने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज लगाने और आयुध अधिनियम में केस दर्ज किया गया है, जिसमें मोहम्मद जैद, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिव कुमार सारस्वत, मीडियाकर्मी शोभित चतुर्वेदी और सेवानिवृत्त असलहा लिपिक संजय कपूर को नामजद किया गया है। 
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शिकायतकर्ता विशाल भारद्वाज ने 26 सितंबर 2024 को एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अवैध विदेशी शस्त्रों की खरीद-फरोख्त और फर्जी लाइसेंस बनवाने वालों की शिकायत की थी। फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद से आरोपी रंजिश मान रहे हैं। उनका आरोप है कि आरोपी भूपेंद्र सारस्वत और उसके साथी भाड़े के हत्यारों से जान से मारने की साजिश रच रहे हैं।

इसकी एसटीएफ ने जांच कर पुष्टि की थी लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद अलीगढ़ के कुख्यात सोनू गाैतम और हरेंद्र राणा को 20 लाख रुपये की सुपारी दी गई। उस समय सोनू गाैतम का फोन विशाल के दोस्त पर जेल से आया था। दोस्त को उसका साथ न देने की धमकी दी गई थी। आरोपियों ने 12 मई 2024 को शास्त्रीपुरम स्थित गोल चक्कर पर कार में विशाल पर हमला कराया था। तब हमलावरों ने हाथ-पैर तोड़ दिए थे। इस मामले में भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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एसटीएफ की जांच को भी दबा दिया
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने 6 मार्च 2025 को निरीक्षक यतेंद्र शर्मा की जांच पर आरोपों की पुष्टि करते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा था। इसमें केस की संस्तुति की। वॉयस रिकार्डिंग और सीसीटीवी फुटेज भी साक्ष्य के रूप देने का दावा किया था। इस पर तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त आदित्य कुमार ने थाना प्रभारी सिकंदरा को जांच के आदेश किए। यह जांच आगे नहीं बढ़ सकी।

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जमीनों के खेल में भी संलिप्तता के आरोप
पीड़ित विशाल भारद्वाज ने अपनी शिकायत में कहा कि अवैध शस्त्र और फर्जी लाइसेंस बनवाने वाला गिरोह जमीनों की दलाली का काम करते हैं। उनके संबंध स्थानीय पुलिस और अधिकारियों से भी हैं। यह लोग शहर की विवादित और महंगी जमीनों को खरीदते हैं। इन लोगों का बैनारा फैक्टरी जगदीशपुरा के पास की जमीन पर कब्जे की साजिश में नाम आया था। कई साल पहले इन के साथियों की सिकंदरा क्षेत्र में अवैध असलहा फैक्टरी भी पकड़ी गई थी।
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