अवैध विदेशी पिस्टल और लाइसेंस के मामले की जांच एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने की थी। इसके बाद थाना नाई की मंडी में केस दर्ज कराया गया। इसमें मोहम्मद जैद, नेशनल शूटर मोहम्मद अरशद, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, उसके पिता शिव कुमार सारस्वत, मीडियाकर्मी शोभित चतुर्वेदी और सेवानिवृत्त असलहा लिपिक संजय कपूर को नामजद किया गया।
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इससे पहले एसटीएफ के निरीक्षक ने अपनी जांच में पाया था कि एक विदेशी पिस्टल भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम भदाैरिया को भी बेची गई थी। वह उत्तर प्रदेश भूमि विकास बैंक के निदेशक भी हैं। उन्होंने आरोपी भूपेंद्र सारस्वत के पिता शिव कुमार से 18 साल पहले पिस्टल खरीदी थी। तब कुछ कागजात दिए थे, जिस पर उन्होंने कलेक्ट्रेट में पिस्टल को अंकित करा लिया। इस पर उन्होंने पिस्टल बेचने वाले से दस्तावेज मांगने को कहा। श्याम भदाैरिया ने बताया कि आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर आनाकानी करते रहे। वह पिस्टल खरीद के मूल दस्तावेज नहीं दे सके।
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नाई की मंडी थाना में केस लिखे जाने के बाद उन्होंने भी तहरीर दी है। इसमें कहा है कि वह अपनी पिस्टल की फॉरेंसिक जांच कराना चाहते हैं, जिससे पता चल जाए कि यह वैध है या फिर अवैध। यह पिस्टल कोल्टस कंपनी की है। यह एक अमेरिकी आग्नेयास्त्र निर्माता कंपनी है। श्याम भदाैरिया ने पिस्टल के लिए 1.75 लाख रुपये दिए थे। बता दें कि पूर्व में थाना सिकंदरा में दी गई तहरीर गायब हो गई थी, जबकि एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट में भी केस की संस्तुति की थी।