प्रस्तावित जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) को अभी राज्यसभा से मंजूरी मिलना बाकी है लेकिन व्यापारी अभी से जीएसटी को बिना संशोधन 22 राज्यों में लागू करने के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जीएसटी में कड़ी सजा और भारी जुर्माने का विरोध शुरू कर दिया है और जल्द ही इसके खिलाफ आंदोलन शुरू करने का एलान किया।
युवा उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष मो. इलियास अख्तर वारसी ने कहा कि सरलीकरण के बिना जीएसटी स्वीकार नहीं होगा। 2017 के चुनाव में व्यापारी उसी नेता को वोट देंगे जो उनके हितों और मान सम्मान की रक्षा करेगा। पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल किए बिना उसका फायदा ही नहीं मिल पाएगा। जीएसटी के विरोध में चुन्नी लाल गुप्ता, रमन लाल गोयल, ओम प्रकाश वर्मा, राम प्रकाश अग्रवाल, जय प्रकाश अग्रवाल, अशोक गुप्ता, आनंद शर्मा, यामीन कादरी और अनुज शिवहरे ने आवाज उठाई।
व्यापारियों की ये मांगें
लघु उद्योगों के लिए सस्ती दर पर जमीन उपलब्ध कराने, 20 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और गारंटी के उपलब्ध हो, बुजुर्ग व्यापारियों को पेंशन दी जाए, लूट-अपहरण-आगजनी के शिकार व्यापारियों को उचित मुआवजा देने, एक समान टैक्स प्रणाली पूरे देश में लागू हो और अतिरिक्त वसूले गए टैक्स का 5 गुना वापस किया जाए और राज्यसभा, विधान परिषद में 5-5 व्यापारी मनोनीत किए जाएं। व्यापारियों ने जीएसटी में कड़ी सजा और भारी जुर्माने के प्रस्ताव का विरोध किया।