पुलिस आयुक्त ने एसीपी छत्ता आरके सिंह को जांच सौंपी थी। उन्होंने परिजन के बयान लिए। यह देखा कि गुमशुदगी कब लिखी गई, इसे लिखने के पीछे देरी की वजह क्या थी। महिला दरोगा ने रकम ली या नहीं, इन सबकी जानकारी जुटाई। एसीपी की रिपोर्ट पर दरोगा रेखा रानी को लाइन हाजिर किया गया है। उधर, शुक्रवार को मृतक के भाई प्रमोद कुमार गुप्ता ने बल्केश्वर निवासी राजेश चौहान के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया कि हत्या की साजिश में वो भी शामिल है। उसके खिलाफ उनके पास काफी सुबूत हैं। उन्होंने उसकी गिरफ्तारी की मांग की। उधर, एसीपी छत्ता का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
परिजन के आरोप, कहां बरती लापरवाही
- विनोद कुमार गुप्ता 27 जुलाई की रात 8:30 बजे एक काॅल आने पर घर से निकल गए थे।
- घर नहीं लौटने पर रात तकरीबन 10:30 बजे परिजन ने थाना ट्रांस यमुना गए थे। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
- थाना एत्माद्दौला भी गए। पुलिस ने 24 घंटे बाद गुमशुदगी दर्ज करने के लिए बोल दिया।
- 28 जुलाई की रात को गुमशुदगी दर्ज की गई। इसी दिन एत्मादपुर क्षेत्र में कारोबारी की लाश मिली। मगर, पुलिस को पता नहीं चला।
- 1 अगस्त को कारोबारी के शव की शिनाख्त परिजन ने की। तब हत्याकांड का खुलासा किया गया।
- परिजन ने तलाश के नाम पर दरोगा रेखा रानी पर 50 हजार वसूलने का आरोप लगाया।
- थाना ट्रांस यमुना प्रभारी ने भी परिजन से अभद्रता की थी। तलाश की कहने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
- भाई प्रमोद गुप्ता से भी एसओ ने गलत व्यवहार किया था। भाई की तलाश करने की कहने पर अभद्र भाषा में बात की थी।