खेरागढ़ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बसैया की बिल्डिंग का निर्माण साल 2009 में करवाया गया था। विद्यालय के प्रधान अध्यापक ने खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को इमारत की जर्जर हालत के बारे में पहले ही जानकारी दे दी थी। शुक्रवार सुबह बारिश के कारण पंजीकृत 42 बच्चों की तुलना में मात्र 12 ही बच्चे विद्यालय आए थे। अभी प्रार्थना ही हो रही थी कि कक्षा की छत भरभराकर गिर पड़ी। जिसके बाद प्रधान अध्यापक पूजा दत्ता ने बच्चों की छुट्टी कर तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी समेत बीएसए को सूचना दी।
रैना नगर में शिफ्ट किया जाएगा स्कूल
कराएंगे निर्माण कार्य की जांच
स्कूल का निर्माण 2009 में तत्कालीन प्रधान छतर सिंह की देखरेख में कराया था। बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है इसके बाद निर्माण कार्य के दोषियों के खिलाफ भी जांच की कार्रवाई की जाएगी। - जितेंद्र गौंड, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
ये भ्रष्टाचार की इंतिहा है
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के अध्यक्ष केशव दीक्षित का कहना है कि शिक्षक बार-बार विभागीय अधिकारियों को जर्जर बिल्डिंग की सूचना देते हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे रहते हैंं। बसैया प्राथमिक विद्यालय की छत महज दो इंच मोटी डाली गई थी। इसमें लिंटर की हालत बेहद खराब है। इसकी जांच होनी चाहिए। महामंत्री राजीव वर्मा ने बताया कि स्कूल के निर्माण में मानकों को ताक पर रखा गया। सरिया को देखकर पता चलता है कि यह 8 एमएम से ज्यादा मोटी नहीं हैं। लिंटर महज दो इंच मोटाई में डाला गया, जबकि यह कम से कम चार से पांच इंच मोटाई में होना चाहिए था।