फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etah News: सरकारी जमीन पर प्रधान के पति ने बना लीं दुकानें, प्रशासन ने बुलडोजर से कराईं ध्वस्त

Sun, 26 Jun 2022 06:36 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

एटा के गांव अचलपुर में प्रशासन ने आठ दुकानों को ध्वस्त कर 20 लाख रुपये की सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया। इस जमीन पर प्रधान के पति ने दुकानें बनवा लीं थीं। 
विज्ञापन
बुलडोजर से ध्वस्त कराईं दुकानें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एटा जनपद के मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव अचलपुर में तालाब की सरकारी जमीन पर ग्राम प्रधान के पति और देवर ने कब्जा कर दुकानें बनवा लीं। रविवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर आठ दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कराया दिया। करीब 20 लाख रुपये की सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराई। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में अवैध कब्जाधारियों को नोटिस दिए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। इस दौरान प्रधान पक्ष नजर नहीं आया। 

विज्ञापन


मिरहची थाना क्षेत्र के ग्राम अचलपुर में गाटा संख्या 666 में सरकारी तालाब की 210 वर्गमीटर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। ग्राम प्रधान के पति राकेश उर्फ पप्पू एवं उनके भाई अमित ने अचलपुर से मरथरा मार्ग पर स्थित अपनी जमीन पर कई दुकानें बनाईं। जिसमें पीछे की ओर ग्राम पंचायत का तालाब स्थित है, जिस पर ढाई साल पहले अवैध रूप से कब्जा कर छह दुकानों का निर्माण करा लिया। 

छह दुकानों का कराया ध्वस्त 

तालाब भूमि पर कब्जा कर दुकान बनवाए जाने की शिकायत पर रविवार को एसडीएम सदर शिवकुमार, सीओ सिटी कालू सिंह, तहसीलदार सदर सीपी सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही मारहरा, मिरहची और पिलुआ थाने का पुलिस बल को भी तैनात कर इलाके को छावनी बना दिया गया। इसके बाद जेसीबी मशीन से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। पक्की बनी सभी छह दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त करा दिया गया।

विज्ञापन

20 लाख रुपये का निर्माण ध्वस्त

तहसीलदार सदर ने बताया कि मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। वहीं दुकानों का निर्माण भी लगभग इतनी ही कीमत का था, जिसे ध्वस्त करा दिया गया है।

कब्जाधारियों पर लगाया 41 हजार रुपये जुर्माना

सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध प्रशासन ने दोहरी कार्रवाई की है। एक ओर जहां बनाई गईं दुकानों को ध्वस्त कराया है। वहीं सरकारी जमीन के प्रयोग की क्षतिपूर्ति के लिए 41750 रुपये का जुर्माना भी किया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें