मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट संसद में पेश किया जा चुका है। इसमें किसको क्या मिला ? इस पर चर्चा हो रही है। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। बजट के आकलन और पक्ष-विपक्ष पर बयानबाजी हो रही है। आइए जानतें है यूपी आगरा में लोगों का क्या कहना है?
कस्टम ड्यूटी कम करने से कैंसर मरीजों को राहत
कैंसर की कुछ दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाना अच्छा है। जन स्वास्थ्य के लिए विशेष योजना नहीं होना निराशाजनक है। पर्यटन कॉरिडोर की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई। -पद्मश्री डॉ. आरएस पारीक
शिक्षा में ऋण से मेडिकल की पढ़ाई आसान
बजट में उच्च शिक्षा के लिए लोन से मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई आसान होगी। आगरा के विकास के लिए मेडिकल टूरिज्म के लिए योजना लानी चाहिए थी। -डॉ. कैलाश चंद सारस्वत, प्रदेश अध्यक्ष होम्योपैथी साइंस कांग्रेस सोसाइटी
मशीनें होंगी सस्ती
मशीनों, उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी हटाने से एक्सरे समेत अन्य मशीनें सस्ती होंगी। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। हेल्थ पॉलिसी पर जीएसटी भी घटाई जानी चाहिए। -डॉ. पंकज नगायच, सचिव आईएमए
जरूरत से 73 फीसदी कम है स्वास्थ्य बजट
नौ प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य को जगह नहीं मिली। जरूरत से 73 फीसदी कम बजट है। बजट 3.3 लाख करोड़ रुपये का होना चाहिए, जो अभी 91 हजार करोड़ रुपये का है। -डॉ. ओपी यादव, पूर्व अध्यक्ष आईएमए
मेडिकल में निराशाजनक
मेडिकल टूरिज्म के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले चिकित्सकों के लिए भी कोई बजट तय नहीं किया गया है। -डॉ. जेएन टंडन, पूर्व अध्यक्ष आईएमए
आयुष्मान का बढ़ाना चाहिए था
सरकार को आयुष्मान भारत योजना का दायरा और बढ़ाना चाहिए। इससे मध्यम वर्ग के लोगों को भी सुविधा होती। जीडीपी के मुकाबले स्वास्थ्य बजट बढ़ना चाहिए था। -डॉ. सुनील शर्मा, पूर्व अध्यक्ष आगरा सर्जंस एसोसिएशन