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मथुरा: बसपा महासचिव ने किया संतों का पूजन-सम्मान, कृषि कानून वापसी को बताया चुनावी स्टंट

Fri, 19 Nov 2021 05:17 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा

सार

आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों की साधु-संतों पर नजर है। पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वृंदावन आकर संतों के साथ भोज किया और उनको सम्मानित किया। अब बसपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा ने तीर्थनगरी में संतों का पूजन और सत्कार किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। 
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संतों के साथ मंच पर बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा शुक्रवार को वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने साधु-संतों का पूजन सम्मान किया। बसपा महासचिव ने संत-महंतों और धर्माचार्यों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने जहां बसपा सरकार के कार्यकाल में मथुरा-वृंदावन में किए गए विकास कार्यों को गिनाया, वहीं कृषि कानूनों की वापसी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे चुनावी स्टंट करार दिया।

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कृषि कानूनों की वापसी चुनावी स्टंट: सतीश मिश्रा 
सतीश चंद्र मिश्रा ने कृषि कानूनों की वापसी पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कृषि कानूनों की वापसी को चुनावी स्टंट करार दिया। कहा कि कृषि कानूनों की वापसी को लेकर 800 से 900 किसानों ने अपनी जान गवां दी। उस समय सरकार ने कानूनों को वापस क्यों नहीं लिया। 

उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि हो सकता है कि केवल चुनाव के चार महीने के लिए ही ये कानून वापस लिए गए हों। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को सरकार उचित मुआवजा दे। 

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कुछ न कहकर भी पलटवार कर गए सतीश
पिछले दिनों सीएम योगी ने ब्रज रज उत्सव (10 नवंबर) के शुभारंभ पर वृंदावन में आकर 500 संतों को भोजन व सम्मान किया था। शुक्रवार को मेला का समापन था। सतीश मिश्रा ने यहां आकर एक हजार संतों के साथ भोजन कर उनका सम्मान किया। 

वह यह भी कह गए कि यह राजनीतिक नहीं है लेकिन इस कार्यक्रम का संदेश यही है कि भाजपा यह न समझे कि वह संतों का समर्थन ले लेंगे। संतों का भरोसा तो बसपा पर है। आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा पहले ही कह चुकी है कि वह सभी जातियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
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