घर पर नज़रबंद किए गए बसपा पार्षद सुहैल कुरैशी।
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आगरा। कानपुर की तरह आगरा नगर निगम में निर्माण कार्यों की ई-टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कर किए गए घोटाले की बसपा पार्षदों ने एसआईटी से जांच की मांग की है। शुक्रवार को आगरा आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बसपा पार्षदों ने मिलने का एलान किया। एलआईयू से जानकारी मिलने के बाद बृहस्पतिवार रात में ही पुलिस ने बसपा पार्षद सुहैल कुरैशी को नजरबंद कर दिया। पार्षदों से आक्रोश जताते हुए घोटाले को छिपाने के आरोप लगाए।
बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह ने बताया कि ई-टेंडर घोटाला करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इसकी निष्पक्ष जांच, सरकारी धनराशि की वसूली तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित फर्मों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग के लिए बसपा पार्षद दल मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने जाएगा।
बसपा पार्षद सुबह 10:30 बजे नगर निगम परिसर में बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर एकत्रित होंगे और ज्ञापन देने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने एक साथ जाएंगे। बसपा पार्षद सुहैल कुरैशी ने बताया कि शाम को ही नाई की मंडी पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद कर लिया। पुलिस लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।
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भ्रष्टाचार के मामले की जांच कराएं सीएम
बसपा पार्षदों सुनील शर्मा, सुहैल कुरैशी, अरविंद मथुरिया ने आरोप लगाया कि पहले स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट खुर्द-बुर्द कर दिए गए। निगम के एक्सईएन पर भाजपा विधायक ने ही भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ई-टेंडर घोटाले में जो कर्मचारी निलंबित किया गया है, उसकी संपत्ति की जांच कराई जाए। निगम के आउटसोर्स कर्मचारी महंगी लग्जरी कारों से ऑफिस आते हैं। उनका वेतन 15 से 20 हजार रुपये है। सीएम भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराएं।