'मथुरा सीट भी रोचक होती जा रही'
राजनीतिक जानकार डॉ. प्रवीन पचौरी का मानना है कि मांट के इस उलटफेर में मथुरा विधानसभा क्षेत्र में भी राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। भाजपा से विमुख होने के बाद एसके शर्मा ने मथुरा में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का एलान कर स्थिति को पेचीदा बना दिया है।
पचौरी ने कहा कि फिलहाल यह दोनों सीटें इन राजनीतिक उलटफेर के चलते आम लोगों की सुर्खियों में आ गई हैं। बसपा को कमजोर समझने की भूल इसलिए नहीं करनी चाहिए क्योंकि पिछले साल जिला पंचायत चुनाव में भाजपा के तमाम प्रयासों के बाद भी बसपा सबसे अधिक सीटें (13) जीतने वाली थी। दूसरे नंबर पर भाजपा-रालोद (11-11) रही थी।