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कासगंजः बर्खास्तगी से पहले विभाग की कार्रवाई, फर्जी शिक्षक का वेतन रोका

Fri, 22 May 2020 03:51 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज

सार

अभी तक शिक्षक ने नहीं दिया है स्पष्टीकरण का जवाब
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोर्ट के आदेश पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा जारी हुई नई सूची में शामिल फर्जी शिक्षक ने अभी तक स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया है। विभाग ने शिक्षक के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई कर दी है।
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विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2004-05 में बीएड करने वाले 4704 अभ्यर्थियों की सूची एसआईटी विशेष जांच दल को सौंपी थी। कोर्ट के आदेश पर अब विश्वविद्यालय ने उनमें से 2,823 फर्जी अभ्यर्थियों की पहली सूची एसआईटी को सौंपी है।

इस सूची से मिलान हो जाने के बाद जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात चार शिक्षकों की सेवाएं तो विभाग ने समाप्त कर दी हैं, लेकिन एक शिक्षक का नाम जांच के बाद सामने आने पर उसके व्हाटसएप पर नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन शिक्षक ने अभी तक नोटिस का जवाब विभाग को नहीं दिया है। विभाग उसको रिमांडर भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही विभाग ने शिक्षक की वर्खास्तगी से पहले उसके वेतन आहरण पर रोक लगा दी है ताकि शिक्षक अपना वेतन न ले सके। 
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शिक्षक ने अभी तक अपने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। सेवा समाप्ति से पहले विभाग उसको एक और रिमांडर भेजेगा। इसके बाद उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। विभाग ने शिक्षक के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। वित्त एवं लेखा विभाग को इस संबंध निर्देश जारी कर दिए हैं। अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी
 
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