उत्तर प्रदेश के आगरा में सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) में सूचना नहीं देना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भारी पड़ गया। मार्च 2020 में ममता वलेचा की ओर से मांगी गई सूचना को उपलब्ध न कराने का दोषी मानते हुए राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 25000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
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बीएसए जितेंद्र गोंड पर लगाए गए अर्थदंड की यह वसूली उनके वेतन से की जाएगी। ममता वलेचा की ओर से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सूचना के लिए 14 मार्च को आवेदन किया गया था। विभाग की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। जिस पर 17 अप्रैल को प्रथम अपील की गई।
इसके बाद भी आवेदक को वांछित सूचना नहीं दी गई। जिस पर 9 जून को द्वितीय अपील की गई। बीएसए को एक महीने में वांछित सूचना उपलब्ध कराने और उसे भेजने के प्रमाणपत्र के साथ देरी का लिखित स्पष्टीकरण के निर्देश दिए गए। इसके बाद भी न तो बीएसए ने सूचना उपलब्ध नहीं कराई।