फिरोजाबाद: भाई की मौत पर विलाप करती बहन
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फिरोजाबाद के ट्रॉमा सेंटर में सोमवार को 24 घंटे से भर्ती युवक ने उपचार न मिलने के कारण बहन की गोद में दम तोड़ दिया। परिवारीजन का आरोप है कि चिकित्सकों से इलाज करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी ने भी नहीं सुना। मौत होने के बाद जब चीख-पुकार मची तब स्टाफ दौड़ा। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाए गए, वो भी खराब निकले। आधा घंटे तक चले स्टाफ के उपचार के ड्रामे के बाद चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
पूरी रात दिलासा देती रही बहन
लालपुर हजीरा निवासी विनोद (25) पुत्र रामसेवक को रविवार दोपहर बुखार आने पर सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। उसके बहनोई संजय ने बताया कि 24 घंटे तक कोई डॉक्टर उपचार करने नहीं आया। विनोद को घबराहट हो रही थी तो कई बार डॉक्टर और स्टाफ को बताया। बहन सुनीता मरीज को पूरी रात दिलासा देती रही। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। दोपहर 12 बजे सुनीता की गोद में ही विनोद ने दम तोड़ दिया। भाई की मौत पर बहन दहाड़े मारकर रोने लगी। अन्य तीमारदार एकत्रित हो गए। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर में मौजूद चिकित्सक और स्टाफ उसके पास पहुंचे। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगाया, वह खराब निकला। दूसरा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लेकर आए तो वह भी काम नहीं कर रहा था। बीपी नापने की मशीन उसकी छाती पर रखकर स्टाफ गायब हो गए। आधा घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद आखिर चिकित्सक ने विनोद को मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को जानकारी तक नहीं होती
चाणक्य फाउंडेशन के अखिलेश शर्मा व श्रमिक नेता रामदास मानव का कहना है कि पूरे मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा के पास है, लेकिन अस्पताल में किसी की भी मौत हो या फिर अस्पताल में दवाओं का टोटा हो, उनके पास कोई भी जानकारी नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण उनपर कोई कार्रवाई जिला प्रशासन नहीं करता।
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