ऐसे आवेदकों का आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। आवेदन निरस्त होने पर 350 रुपये की फीस जब्त हो जाती है। एक अप्रैल 2022 से 15 सितंबर तक साढ़े पांच माह में 5179 फेसलेस लाइसेंस बनाए जा चुके हैं, जबकि आरटीओ में पहले 6 माह में 10000 से ज्यादा ऑफलाइन लाइसेंस बनाए जाते थे।
दूसरे लोगों को टेस्ट देने में पकड़ा
एआरटीओ (प्रशासन) एके सिंह ने बताया कि ऑनलाइन जन सुविधा केंद्रों से बनाए जाने वाले डीएल में प्रपत्रों से छेड़छाड़ और आधार से फोटो मैच नहीं होने के मामले सामने आए हैं। इनमें दूसरे लड़के आवेदक की जगह टेस्ट देकर पास हो रहे हैं। ऐसी गड़बड़ी सॉफ्टवेयर में आ जाती है और आवेदन निरस्त कर दिए जाते हैं।
एक आईडी से 10 से ज्यादा लाइसेंस
सॉफ्टवेयर में यह पता चल जाता है कि आवेदन किस आईडी से किया गया। आरआई ने बताया कि एक आईपी से एक दिन में 10 से ज्यादा तक आवेदन किए जा रहे हैं। इससे साफ है कि इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
जिलाधिकारी से की शिकायत
संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) उमेश कटियार ने बताया कि एक व्यक्ति ने एक घंटे के भीतर दो लोगों के टेस्ट आवेदक बनकर दे दिए। मिलान में उसके फोटो पहचान में आ गए। इस तरह के मामलों की शिकायत जिलाधिकारी व एसपी सिटी से भी की गई है, ताकि अवैध रूप से चल रहे जन सुविधा केंद्रों पर अंकुश लगाया जा सके।
इस तरह बचें गड़बड़ियों से
- फेसलेस आवेदन का टेस्ट खुद दें। इस दौरान किसी दूसरे व्यक्ति की मदद नहीं लें।
- टेस्ट देने से पहले वेबसाइट पर मौजूद मॉक टेस्ट पेपर की मदद लें।
- अपने आधार या किसी अन्य प्रपत्र की फोटो से छेड़छाड़ नहीं करें।
- फेसलेस लाइसेंस के लिए किसी के पास कराने के झांसे में नहीं आएं।
60 से ज्यादा नहीं हो सकेंगे आवेदन
फेसलेस लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदनों की अभी तक कोई सीमा नहीं थी, लेकिन अब एक दिन में 60 से अधिक अभ्यर्थी फेसलेस लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। एआरटीओ एके सिंह ने बताया कि फेसलेस लर्निंग लाइसेंस के लिए रोज 60 आवेदनों की सीमा निर्धारित की गई है।