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आरटीओ में दलालः पांच मिनट में फाइल निकल आएगी, पांच सौ रुपये दे देना...

Mon, 21 Sep 2020 12:48 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में आवेदक जब अपनी पुरानी गाड़ी से क्लेम हटवाने, गाड़ी ट्रांसफर कराने के लिए जाते हैं तो सबसे पहले उस सीरीज की गाड़ी की फाइल मांगी जाती है। ताज ट्रिपेजियम जोन में 15 साल पूरे होने से पहले लोग अपने वाहनों को अन्य जिलों में ट्रांसफर करा रहे हैं।
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संभागीय परिवहन कार्यालय आगरा
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विस्तार
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संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में वाहनों के रिकार्ड रूम से दलाल फाइलें निकालकर आवेदकों को सौंप रहे हैं। दलालों की पहुंच रिकार्ड रूम तक है। जो फाइलें विभाग के कर्मचारियों के पास नहीं मिलीं, उन्हें दलाल ने पांच मिनट में सामने लाकर रख दिया। फाइलों के अंबार और अंधेरे में डूबे रिकार्ड रूम में से फाइल निकलवाने के लिए 500 रुपये लिए गए। अमर उजाला के स्टिंग में यह खुलासा हुआ कि गोपनीय फाइलों को बाहरी लोग बाहर लेकर जाते हैं। 
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इन कार्यों के लिए देते हैं पुरानी फाइल
संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में आवेदक जब अपनी पुरानी गाड़ी से क्लेम हटवाने, गाड़ी ट्रांसफर कराने के लिए जाते हैं तो सबसे पहले उस सीरीज की गाड़ी की फाइल मांगी जाती है। ताज ट्रिपेजियम जोन में 15 साल पूरे होने से पहले लोग अपने वाहनों को अन्य जिलों में ट्रांसफर करा रहे हैं।

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ऐसे में दलाल फाइल की तलाश करने के लिए आरटीओ के रिक़ार्ड रूम तक पहुंचते हैं। यहां आरटीओ कर्मचारी भी कई बार नहीं होता है। रिकार्ड रूम में किस सीरीज की फाइल कहां मिलेगी, यह जानकारी विभागीय कर्मचारियों को कम और बाहरी लोगों को ज्यादा है। यही कारण है कि वह आसानी से फाइल को तलाश कर लेते हैं। 
 

स्थान: आरटीओ का रिकार्ड रूम, समय:  दोपहर 1 बजे
अंधेरे रिकार्ड रूम में तीन-चार युवक फाइलों की खोजबीन कर रहे हैं। 


रिपोर्टर: सीट पर राजकुमार नहीं दिख रहे, कहां गए?
दलाल: पता नहीं, नीचे चले जाओ, वहीं होंगे।
रिपोर्टर: तुम क्या यहां कर्मचारी हो?
दलाल: नहीं, अपनी फाइल निकालनी है, इसलिए आए हैं।
रिपोर्टर: हमारी फाइल निकाल दो, अभी रिपोर्ट लगवानी है।
दलाल: पांच मिनट में निकल आएगी, 500 रुपये लगेंगे।

(रिपोर्टर ने रिकार्ड रूम से सटे कमरे में जाकर पूछताछ की।)
कर्मचारी:
अपनी सीरीज बताओ, तभी तो फाइल मिलेगी।
रिपोर्टर: मुझे सीएफ सीरीज की फाइल निकलवानी है। 
कर्मचारी: ये सीरीज मेरे पास नहीं, नीचे आलोक से संपर्क करो।  
 
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दलाल ने दिलवाई थी फाइल 
मैं अपनी गाड़ी का ट्रांसफर कराने के लिए आरटीओ में पहुंचा तो फाइल की तलाश की गई। कई सिफारिशें लगाईं मगर काम नहीं बना। तब कहीं जाकर बाहर बैठे व्यक्ति ने काम करवाया। -राहुल कुमार, बोदला

फाइल तलाश करने पहुंच जाते हैं आवेदक

सवाल: मूल फाइल आवेदक को दी जा सकती है?
जवाब: नहीं लेकिन यह आवेदक को दिखाई जा सकती है। 
सवाल: रिकार्ड रूम तक दलालों का प्रवेश कैसे हो रहा है?
जवाब: निजी गाड़ियों का रिकार्ड रूम पुरानी इमारत में हैं, जहां चैनल आदि नहीं है, वहां तक आवेदक फाइल तलाशने पहुंच जाते हैं। 
सवाल: आप क्या कार्रवाई करेंगे?
जवाब: आरटीओ से फाइलों को हटाने का प्रस्ताव मुख्यालय पर अंतिम चरण में हैं। हमारे यहां ऑनलाइन रिकार्ड रहेगा। फाइल आवेदक या वाहन डीलर के पास ही रहेगी। -अनिल कुमार सिंह, एआरटीओ, प्रशासन
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