शादी के बाद घर में खुशियों का माहौल था। नई दुल्हन के व्यवहार ने सभी का दिल जीत लिया था, लेकिन किसी को पता नहीं था कि साजिश कुछ और ही है। 10 दिन बाद जब दुल्हन ससुराल से जेवर लेकर चली गई, तो परिवारीजनों के होश उड़ गए। पुलिस से शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। सीजेएम प्रदीप कुमार सिंह ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और अन्य आरोप में परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वादी के बयान के लिए पत्रावली पर 17 अप्रैल की तारीख नियत की है।
कोर्ट की शरण में पहुंचा पति
बल्केश्वर निवासी अमित गुप्ता ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा कि उसकी शादी 15 सितंबर 2021 को प्रिया निवासी फिरोजाबाद के साथ हुई थी। शादी आर्य समाज मंदिर में हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद प्रिया का भाई सचिन घर आया। उसने कहा कि प्रिया के पिता जेल में हैं। उनकी जमानत के लिए डेढ़ लाख रुपये की आवश्यकता है। श्रीयश मित्तल के आश्वासन पर उन्होंने सचिन को रुपये दे दिए।