रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए आगरा के संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा
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आगरा के मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक आरपी शर्मा ने शिक्षक अजयपाल सिंह की फाइल फरवरी माह से रोक रखी थी। शिक्षक को नोटिस देकर कार्यालय बुलाया गया था। कार्यालय के बाबू ने मिठाई का डिब्बा लेकर आने की बात कही थी। मिठाई से आशय रिश्वत से था। ये बातें सहायक अध्यापक अजयपाल सिंह ने विजिलेंस को बताई।
शिक्षक ने बताया कि उसकी नियुक्ति की जांच में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ने क्लीन चिट दे दी थी। कई महीने चक्कर काटने के बाद मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक ने अपने स्टेनो के माध्यम से 10 लाख रुपये रिश्वत के बाद ही फाइल निस्तारित करने की बात कही थी। उन्होंने इसकी रिकॉर्डिंग भी कर ली थी।
जेडी ने दो दिन पहले नोटिस देकर उसे शनिवार को कार्यालय बुलाया था। बाबू के कहे मुताबिक वह शाम को मिठाई के दो डिब्बे लेकर गया था। एक डिब्बे में नकदी और दूसरे में मिठाई थी। दोनों डिब्बे एक थैले में रखे थे। शिक्षा निदेशक शिक्षा भवन के पास अपनी कार में मिले। थैला उन्हें थमा दिया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
टीम दो बार शिक्षा भवन से लौट गई
एसपी विजिलेंस शगुन गौतम ने बताया कि सहायक अध्यापक की शिकायत पर छानबीन की गई। टीम एक सप्ताह तक शिक्षा भवन में घूमती रही थी। शनिवार को भी पहली बार में टीम लौट गई थी, लेकिन दूसरी बार में टीम को सफलता मिल गई। जेडी की गिरफ्तारी के बाद दो अन्य शिक्षकों ने भी दो लाख और 50 हजार की रिश्वत लेने के आरोप लगाए।
कार्यालय पर ताला लगाकर भाग गया बाबू
छानबीन में पता चला कि शिक्षा भवन स्थित कार्यालय में कई बाबू देर तक रुकते थे। शनिवार को भी जिस बाबू के पास सहायक शिक्षक की फाइल थी, वह भी कार्यालय में रुका था। कार्रवाई का पता चलते ही ताला लगाकर भाग गया। करीब एक घंटे बाद बाबू को बुलाकर कार्यालय का ताला खुलवाया गया। सहायक शिक्षक की जांच से संबंधित फाइल को कब्जे में लिया गया।