बाह। तेंदुए का प्रजनन सीजन सितंबर से दिसंबर तक होता है। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि सीजन पूरा होने के साथ ही चंबल में इनका कुनबा बढ़ने की उम्मीद है।
पिछले साल कांबिंग के दौरान मऊ, नावली, मऊ की मढै़या के बीच दो शावकों के साथ नर मादा तेंदुए, हथकांत, नंदगवां, महुआशाला के बीच दो शावकों के साथ नर मादा तेंदुए, कैंजरा, सिमराई, गोंसिली, बाघराजपुरा के बीच दो शावकों के साथ मादा तेंदुआ, पडुआपुरा, मनसुखपुरा, रेहा, बरैंडा में दो शावकों के साथ नर मादा तेंदुए दिखे थे। कुल सात तेंदुए और 8 शावक मिले थे।
चंबल में तेंदओं की मौजूदगी के मद्देनजर वन विभाग की टीम बीहड़ क्षेत्र के गांवों में मानव वन्य जीव संघर्ष जागरूकता अभियान भी चला रही है। ग्रामीणों को बीहड में न जाने, गांव के नजदीक तेंदुआ दिखने पर वन विभाग को सूचना देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।