लॉकडाउन के दौरान गरीबों को मुफ्त मिले गेहूं और चावल को सस्ते दाम में खरीदकर दिल्ली के रेस्तरां में ज्यादा कीमत पर बेचा जा रहा था। इसका खुलासा सोमवार को आगरा में एक अवैध गोदाम से 148 कट्टे गेहूं और चावल पकड़े जाने पर हुआ। आपूर्ति विभाग और पुलिस टीम ने खाद्यान्न का लदान करने वाले दो लोग भी पकड़े हैं। इन्होंने बताया कि छह महीने से यह खेल चल रहा था। यहां भंडारण करके दिल्ली ले जाया जाता था।
टेढ़ी बगिया रोड भाटिया पेट्रोल पंप के पास गोदाम के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा था, उसमें कट्टे लादे जा रहे थे। किसी ने सरकारी राशन की कालाबाजारी की आशंका पर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस पहुंची और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को भी बुला लिया। मौके पर नगला जमुनी निवासी मोहित कुमार और अवनीश निवासी नगला रामबल को पकड़ा। मोहित ने बताया कि यह गोदाम कमला नगर के राजेश गुप्ता के साथ किराए पर ले रखा है। पुलिस इनको पकड़कर थाने ले गई।
डीएम से मांगी मुकदमे की अनुमति
गोदाम में कट्टों की जांच की तो इसमें 31 कट्टे गेहूं और 117 कट्टे चावल के पाए गए। प्रभारी डीएसओ विमल सिकरवार ने बताया कि राशन जब्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मांगी गई है। टीम में क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक रमाकांत और खाद्य अधिकारी अशोक मिश्रा रहे। पुलिस ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा।