विश्व संवाद केंद्र की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर पचकुइंया पर आयोजित नारद जयंती महोत्सव को संबोधित करने आए भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि हिंदू संगठित होगा तभी देश में शांति आएगी। उन्होंने कहा यह सिद्ध हो चुका है भारत में रहने वालों का डीएनए एक है। अंग्रेजों ने आर्य और द्रविण की थ्योरी बनाई और गलत इतिहास पढ़ाया।
नेहरू की पुस्तक इतिहास नहीं, इससे आगे भी जाना होगा। नेहरू का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं था। उन्होंने शेख अब्दुल्ला को खुश करने के लिए कश्मीर में धारा 370 लागू करा दी। इसे 2019 तक समाप्त होना चाहिए। अयोध्या में 2018 तक भगवान राम का मंदिर बनेगा। कोर्ट में मुसलिमों का पक्ष कमजोर है। खोज में यह साबित हो चुका है वहां हिंदुओं का मंदिर था।
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि देश में 40 हजार मंदिर तोड़े गए थे। अब हम तो केवल तीन मांग रहे हैं। अयोध्या में जहां राम पैदा हुए वहां उनका मंदिर बने और मुसलिम सरयू पार मसजिद बनाएं हम सहयोग करेंगे। तीन तलाक पर उन्होंने कहा कि यह गलत है, भारतीय संविधान ने महिला और पुरुष सभी को बराबर अधिकार दिए हैं।
जेएनयू प्रकरण पर कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है वहां कश्मीर के आजादी के नारे लगें और संविधान विरोधी कृत्य होगा। जवाहर लाल नेहरू के नाम पर बनी यूनीवर्सिटी में यदि संविधान का पालन नहीं हो रहा है तो उसका नाम नेताजी सुभाष चंद बोस के नाम रख देना चाहिए। प्रांत प्रमुख हरीश रौतेला, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रदीप, महानगर प्रचारक गोविंद, महानगर संघ चालक विजय गोयल, हरीशंकर, मेयर इंद्रजीत आर्य, महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक राना, मनमोहन निरंकारी, आदेश तिवारी आदि मौजूद रहे।