प्रतीकों के बाद अब नामकरण की राजनीति जोर पकड़ने लगी है। मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने और फिर इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने के बाद लखनऊ का नाम बदलने की मांग उठी है और अब इस फेहरिस्त में ताजमहल के शहर आगरा का नाम भी जुड़ गया है।
उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने आगरा का नाम अग्रवन करने की मांग की है। उनका कहना है कि आगरा का नाम पहले अग्रवन ही था। अग्रवन को पहले अकबराबाद किया और उसके बाद इसे आगरा कर दिया गया। यह प्राचीन शहर है।
शहर के एक कोने पर यमुना नदी के किनारे बना कैलाश महादेव इसका जीता जागता सबूत हैं। यहां दो शिवलिंग स्थापित हैं। जिनकी स्थापना महर्षि परशुराम और उनके पिता ऋषि जमदाग्नि ने की थी। परशुराम जी की माता की तपोस्थली रेणुकाधाम भी यहां से चंद कदम की दूरी पर है।
आगरा जिला जैन धर्म का भी बड़ा केंद्र रहा है। विधायक ने कहा कि इस संबंध में वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख रहे हैं और दिवाली के बाद लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और शहर का नाम बदलने की मांग की करेंगे।