आगरा जिले में बर्ड फ्लू वायरस से बचाव के लिए पोल्ट्री फॉर्मों पर सैंपलिंग शुरू हो गई। सोमवार को 20 पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली (आईवीआरआई) भेजे गए। पशु पालन विभाग ऐसी मुर्गियों को चिह्नित कर रहा है, जिनके सिर और चोंच के नीचे लाल रंग की कलंगी नीली पड़ गई हो या पंजों की झिल्ली का रंग बदला हो।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी वीएस तोमर ने बताया कि एन5 एच8 बर्ड फ्लू वायरस के लक्षण दिखने वाले पक्षियों को तत्काल मारकर उनके सैंपल जांच के लिए लैब भेजने के निर्देश हैं। जिले में 45 पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें किसी भी सैंपल की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
कीठम में 10 हजार पक्षियों का डेरा
पशुपालन विभाग बर्ड फ्लू वायरस के मद्देनजर कीठम झील को सबसे ज्यादा संवेदनशील मान रहा है। यहां 10 हजार से अधिक प्रवासी पक्षी हैं। झील के पानी और अन्य स्थलों पर दूरबीन से मृत पक्षियों पर नजर रखी जा रही है। सीवीओ ने बताया कि लंबी दूरी तक उड़ने वाले पक्षियों से ही वायरस एक जगह से दूसरी जगह फैलता है।
24 जनवरी तक बंद रहेंगे बॉर्डर
शासन ने एक जिले से दूसरे जिले में मुर्गी और चूजों को लाने और ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। 24 जनवरी तक बॉर्डर बंद रहेंगे। पुलिस जनपद के बॉर्डर पर मुर्गी व चूजे ले जाने वालों पर नजर रखेगी।
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