भरगैन (कासगंज)। कस्बा भरगैन में लोगों ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन बिल का विरोध किया। लोगों का मानना है कि यह बिल मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बना देगा। लोगों ने विपक्षी पार्टियों से इसे राज्यसभा में पास नहीं होने देने की अपील की। समाजसेवी सैय्यद राशिद अली ने कहा कि जो नागरिकता संशोधन बिल गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में प्रस्तुत किया है, वह वैसा ही है जैसा 1947 में देश के बंटवारे के समय था। धर्म के आधार पर भारत पाकिस्तान का विभाजन हुआ। भाजपा चाहती है कि फिर से हिंदू और मुसलमानों का बंटवारा हो जाए।
शिक्षक मिलीन खान ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता संविधान की मूल संरचना है। नागरिकता संशोधन बिल संविधान के इस दर्शन का उल्लंघन करता है। पूर्व एएमयू छात्र रिहान खान ने कहा कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 14 को नजरअंदाज कर रही है। यह संविधान की प्रस्तावना का भी उल्लंघन है। राज्यसभा में जो भी विपक्षी पार्टियां हैं, वे इसे राज्यसभा में पास न होने दें। सरकार इस बिल के माध्यम से मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने का षड़यंत्र रच रही है। इस दौरान औसाफ अली, मुहम्मद शाहरुख, जफर खान आदि रहे।