दो बच्चों के सिर से उठा मां-बाप का साया
हरेंद्र सिंह तोमर चार दिन पहले पत्नी संध्या, बेटे कुशल (8) और यशु (5) के साथ गांव आए थे। यहां कथा होने के बाद अचानक फैक्टरी में कार्य के चलते भिवानी लौट गए। हरेंद्र पत्नी को साथ ले गए, जबकि दोनों बेटों को दादी आशादेवी के पास छोड़ गए थे। यह दोनों बच्चे भिवानी में ही पढ़ रहे हैं। दोनों बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
बार-बार दोनों माता-पिता के बारे में पूछ रहे हैं। पूरे परिवार में कोहराम मचा है। दंपती की मौत से गांव में चूल्हे तक नहीं जले। मां, भाई सुरेंद्र और आकाश की आंखों में आंसू थम नहीं रहे थे। पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे आकाश तोमर ने बताया कि पिता का करीब 16 साल पहले निधन होने के बाद हरेंद्र भैया ने उन्हें पाला था।
पूरे परिवार को संभालने में भाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हालांकि परिवार में सभी का विवाह हो गया है। कुशल और यशु की देखभाल कौन करेगा तो इस पर आकाश ने बताया कि अभी तक उनकी मां, भाई और वह खुद ही देखभाल करेंगे। उनका कहना है कि भाई और भाभी की मौत से पूरे परिवार पर पहाड़ ही टूट पड़ा है।