सड़क पर बिखरा रहा सामान
जिला प्रशासन ने सुबह मकान को खाली कराया। करीब दो घंटे मकान को खाली करने में लगे। इस दौरान घर के सारे सामान को सड़क पर रखवा दिया गया। आधी सड़क पर घर का सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा रहा। बाद में सेवानिवृत्त कर्मचारी के परिजन सामान को उठाकर ले गए।
जमीन को लेकर मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन
प्रेमपाल के पुत्र सोनू ने बताया कि साल 1983 में जमीन का बैनामा कराया था। उसके बाद 1985 में मकान के लिए नक्शा पास कराया। विवाद के बाद मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
पिछले महीने भी ध्वस्त कराया था एक मकान
इससे पहले तीन अप्रैल को इसी मकान के पास बने बलवीर सिंह के मकान को ध्वस्त कराया गया था। वो मकान भी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाने का आरोप था।
एक माह पहले दे दी गई थी चेतावनी
एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि सिविल लाइंस में जिला जज आवास के पास एक माह पहले अवैध रूप से बने एक मकान को ध्वस्त किया गया था। तभी प्रेमपाल को मकान खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था। लेकिन इनके द्वारा मकान खाली नहीं किया गया। जिसके बाद सुबह पुलिस बल के द्वारा मकान को खाली कराकर बुलडोजर से ध्वस्त करा सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है।
कोतवाली देहात पुलिस ने खाली कराई जमीन
कोतवाली देहात की चमकरी में साढ़े छह बीघा जमीन है। इस जमीन पर गांव के कुछ लोगों ने खेती तो कुछ ने भूसे की बुर्जी आदि बना लीं। रविवार को कोतवाली देहात पुलिस ने पहुंचकर अपनी जमीन को खाली कराया। कोतवाली देहात प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि गांव चमकरी में कोतवाली की साढ़े छह बीघा जमीन है।
उस जमीन पर गांव के दो व्यक्तियों द्वारा खेती की जा रही थी। गांव के अन्य लोग भी जमीन को उपयोग में लेने लगे थे। उन्होंने बताया कि डेढ़ बीघा जमीन सड़क के निर्माण में चली गई। मौके पर पांच बीघा जमीन मिली है। इसको लेकर रविवार को कोतवाली की जगह को खाली कराया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यहां निर्माण कराया जाएगा।