नंदगांव/बरसाना (मथुरा)। नंदगांव-बरसाना सहित दर्जनों गांवों में बिजली विभाग के संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते 21 घंटे तक बिजली नहीं आई। भीषण गर्मी में लोग इधर-उधर भटकते रहे। रविवार शाम 5 बजे 33 हजार केवी लाइन में गड़बड़ी के चलते बरसाना और सांचौली बिजली घर की बिजली गुल हो गई थी। दोनों बिजलीघरों से नंदगांव-बरसाना सहित 50 गांव जुड़े हैं। इंवर्टरों भी रात में बैठ गए। लोगों ने किसी तरह घर की छतों पर रात गुजारी। लोग मोबाइल तक चार्ज करने के लिए भटकते रहे। बिजली न आने से नंदगांव बरसाना एवं अन्य गांवों में पेयजल संकट गहरा गया। लोग अन्य काम धामों को छोड़ कर पानी की तलाश में भटकते रहे। सोमवार दोपहर दो बजे बिजली आई, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
30 जून से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का एलान किया था
नंदगांव। प्रदेश में बिजली संविदाकर्मियों ने हड़ताल कर रखी है। 27 जून से संविदा कर्मी अपनी मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में डेरा डाले हुए हैं। 30 जून से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया है। बरसाना बिजलीघर के संविदा कर्मी शेखर तोमर ने बताया कि प्रदेश में करीब 25 हजार और मथुरा में करीब 900 संविदाकर्मी हैं। उनकी मांगें हैं कि विभाग में ठेकेदारी प्रथा खत्म हो, समान काम के बदले समान वेतन मिले तथा वर्ष 2009 में हुए ईपीएफ, ईएफआई के घपले की जांच हो। फिलहाल हड़ताल का कोई भी हल नहीं निकला है। क्षेत्र से गणेश तोमर, चकलेश्वर पांडेय, आशु गौड़, नारायणदत्त शर्मा, चंद्रशेखर, रामकुमार, तोताराम आदि लखनई गए हैं।
सौंख सहित 60 गांवों में 24 घंटे ठप रही बिजली की आपूर्ति
सौंख। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से क्षेत्र के 60 गांवों की बिजली आपूर्ति 24 घंटे से ठप रही। पूरे दिन बुजुर्ग व बच्चे गर्मी में परेशान रहे। ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली ठप रही। नगला अड्डा, लोरिहा पट्टी, आजल, नैनूू पट्टी, मल्हू, ओढ़म, नौधरा, नगला टौंटा, श्यौवा, भदार, भूरिया, नगला छिंगा, बोरपा, बछगांव, नगला आशा सहित 60 गांव में बिजली गुल हो गई। सोमवार को कस्बा की विद्युत सप्लाई एक बजे शुरू हुई। गांव बछगांव के लोगों ने विद्युत सब स्टेशन पर पहुंच कर कस्बा की सप्लाई बंद करा दी। बलजीत सिंह, राजकुमार चौधरी, सतेंद्र चौधरी, महेश अग्रवाल, डॉ. घनश्याम शर्मा, भूपेंद्र चौधरी, उदयचंद शर्मा, गोविंद राम आदि ने निगम के अधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की है। जेई अनिल गुप्ता का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने बिजलीघर पहुंच कर कर्मचारी पर दबाव बना कर कस्बे की विद्युत आपूर्ति बंद करा दी। प्राइवेट कर्मचारी काम कर रहे हैं।