आगरा में प्रतिष्ठानों पर नगर निगम के तय नियमों से बड़ा विज्ञापन बोर्ड लगाने वाले व्यापारियों को चिह्नित किया जा रहा है। निगम ने 100 से अधिक की सूची तैयार कर 6.03 करोड़ रुपये के नोटिस जारी किए हैं। कर निरीक्षक बाजारों का सर्वे कर सूची बना रहे हैं। तीन बार नोटिस का जवाब नहीं देने पर आरसी जारी होगी।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि तीन बाई दो फीट तक के विज्ञापन पट लगाने पर नगर निगम किसी भी प्रकार का किराया नहीं लेता है। इससे बड़े साइन बोर्ड लगाने या अन्य किसी प्रकार से प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन करना विज्ञापन प्रीमियम साइड रेंट के दायरे में आता है। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जो बिना अनुमति होर्डिंग आदि लगाकर विज्ञापन कर रहे हैं। नगर निगम उपविधि 2017 के तहत पहली बार अब तक 103 कारोबारियों को नोटिस जारी हो चुके हैं। रेंट जमा नहीं कराने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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देना होगा दोगुना किराया
सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि यदि व्यापारी नोटिस जारी होने के उपरांत तय समय में रेंट जमा नहीं कराता है तो उसे तय किराये से दोगुना अदा करना होगा। पेप्सी कंपनी पर 32,83,140 रुपये, डाॅ. शेख पर 29,4000 और इतना ही किराया डाॅ. ताज पर बकाया है। अमूल मिल्क पर 3.43 करोड़, बलूनी क्लासेज पर 7 लाख, आगरा पब्लिक स्कूल पर 7.31 लाख, बच्चूमल कलेक्शन एमजी रोड पर 7 लाख, वी बाजार पर 5.85 लाख और कैरियर पॉइंट कोटा पर 5 लाख का बकाया है।
फिलहाल दो साल के किराये की गणना
फिलहाल साल 2023-24 और 2024-25 के किराये की गणना की जा रही है। सहायक नगर आयुक्त का कहना है कि अवैध विज्ञापनकर्ता नगर निगम आकर अपना पंजीकरण कराएं या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।