जननी सुरक्षा योजना और नसबंदी घोटाले में महिलाओं के कई बैंकों में खाता खोलकर सरकारी धनराशि गबन कर ली। इसकी जांच शुरू हो गई है । पुलिस ने बैंकों से इसके बारे में रिपोर्ट तलब की है।
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शासन की ऑडिट रिपोर्ट में वर्ष 2021 से 2024 के मध्य 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और महिला जिला चिकित्सालय में फर्जी तरीके से जननी सुरक्षा योजना और नसबंदी दिखाते हुए 38.95 लाख रुपये खाते से निकाल लिए। आलम ये रहा कि फतेहाबाद सीएचसी में कृष्णा कुमारी के नाम से तो 25 बार प्रसव, 5 बार नसबंदी दिखाई गई। गीता देवी के तो 6 महीने में 10 बार प्रसव दर्शाए गए। महिलाओं के विभिन्न बैंकों में खाते मिले हैं। इसकी जांच शुरू करते हुए पुलिस ने फतेहाबाद सीएचसी की महिलाओं के खातों की जानकारी बैंकों से मांगी है। इसमें बैंक से पूछा गया है कि इनके खाते में कितनी बार और कितने रुपये आए। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सीएमओ ने फतेहाबाद थाने में स्वयं सहायता समूह ब्लॉक प्रबंधक नीरज अवस्थी, अजहर, ब्लाॅक कार्यक्रम अधिकारी गौरव थापा डाटा एंट्री ऑपरेटर गौतम सिंह के खिलाफ के दर्ज करवाया था। वहीं, मुकदमा दर्ज हुए 3 सप्ताह बीत चुके हैं. लेकिन पुलिस फरार दो आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है।