आगरा नगर निगम में मेयर, पार्षदों और अधिकारियों के बीच खींचतान में नया मोड़ आ गया है। एक ओर बसपा पार्षदों के एक गुट का नगरायुक्त के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, वहीं पार्टी के ही दूसरे गुट ने मेयर के खिलाफ धरने का एलान कर दिया।
आगरा नगर निगम में मेयर, पार्षदों और अधिकारियों के बीच खींचतान में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। एक ओर बसपा पार्षदों के एक गुट का नगरायुक्त के खिलाफ धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, वहीं पार्टी के ही दूसरे गुट ने मेयर के खिलाफ धरने का एलान कर दिया। उधर, निगम में धरने पर बैठे पार्षदों के खिलाफ भाजपा के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया। आरोप लगाया कि जिन पार्षद के क्षेत्र में अधिक कार्य हुए हैं, वही अब प्रदर्शन कर भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं।
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बसपा पार्षद दल के नेता यशपाल सिंह और सुनील शर्मा के नेतृत्व में 12 से अधिक पार्षद सोमवार को निगम परिसर में धरने पर बैठे थे। आरोप लगाए थे कि विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। नगरायुक्त पार्षदों की सुन नहीं रहे हैं। पार्षद सुनील शर्मा ने बताया कि रातभर धरने पर बैठे रहे। मगर, कोई अधिकारी और मेयर नहीं मिलने आईं। इस कारण मंगलवार को भी धरना दिया। मांगे नहीं मानी गईं तो निश्चितकाल तक धरना देंगे।
उधर, बसपा पार्षदों का दूसरा गुट भी सामने आ गया। उन्होंने शहीद स्मारक में बैठक की। निर्णय लिया कि 25 अप्रैल से मेयर के कैंप कार्यालय पर सुबह 10 बजे धरना दिया जाएगा। बैठक में पार्षद कप्तान सिंह, सुहैल कुरैशी, निधि पटेल, बंटी माहाैर, अरविंद मथुरिया, गंगाराम माथुर, प्रीति भारती, पिंकी सोनी, पूर्व पार्षद राजीव कुमार सिंह, मोहम्मद नदीम आदि माैजूद रहे।
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उधर, भाजपा पार्षद दल के प्रकाश केसवानी, अनुराग चतुर्वेदी, शरद चाैहान, रवि माथुर, हेमंत प्रजापति, राकेश जैन आदि ने कहा कि बसपा पार्षद निजी स्वार्थ के लिए धरने पर बैठ रहे हैं।