सीएमओ डॉ. आरसी पाण्डेय ने कहा कि निजी लैब की जांच में गड़बड़ी हो सकती है। 68 सैंपल में 37 पॉजिटिव नहीं हो सकते। जिले में 10 अप्रैल से संक्रमण दर 5 से 2 फीसदी बीच रही है। निजी लैब से जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उन मरीजों के सैंपल दोबारा जांच को भेजे गए हैं।
रिपोर्ट के बाद करेंगे कार्रवाई
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि प्राइवेट लैब का पॉजिटिविटी रेट बहुत हाई है। क्रॉस वेरीफिकेशन के लिए 15 सैंपल भेजे हैं। जांच रिपार्ट आने दीजिए उसके बाद निर्णय करेंगे क्या कार्रवाई करनी है।
पिछले साल निरस्त हो चुकी हैं अनुमति
अगस्त 2020 में कई निजी लैब को कोरोना जांच करने की अनुमति दी गई थी। तब भी कई लैब की जांच में मिले पॉजिटिव नमूनों की दोबारा जांच की गई तो वह नेगेटिव मिले थे। तब सितंबर 2020 में प्रशासन ने सभी निजी लैब की अनुमति निरस्त कर दी थी। अप्रैल 2021 में प्रशासन ने तीन लैबों को दोबारा अनुमति दी थी। पॉजिटिविटी रेट हाई मिलने पर प्रशासन को अब भी जांच में गड़बड़ी का अंदेशा है।