फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra University: परीक्षा में फेल होने पर बीएचएमएस के छात्र-छात्राओं ने किया विरोध प्रदर्शन, पुनर्मूल्यांकन की मांग

Tue, 12 Jul 2022 02:28 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

बीएचएमएस द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षा में 70 फीसदी से अधिक छात्र फेल हो गए हैं। छात्रों का आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ठीक से नहीं किया गया है। 
विज्ञापन
विरोध प्रदर्शन करते छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में मंगलवार को बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) के छात्र-छात्राओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन किया। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर बैठकर नारेबाजी की। कॉपियों का मूल्यांकन ठीक से न किए जाने का आरोप लगाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉपियों का मूल्यांकन दोबारा कराने का आश्वासन दिया। 

विज्ञापन


नेमीनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राएं, राजकीय श्री दुर्गाजी होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय, आजमगढ़ के छात्र विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। तृतीय वर्ष के छात्रों का कहना है कि उनके प्रथम और द्वितीय वर्ष में जिन विषयों में अच्छे अंक थे, उन्हीं में फेल कर दिया गया है। सर्जरी व ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में 70 फीसदी से अधिक छात्र फेल हैं। द्वितीय वर्ष में 50 फीसदी से अधिक विद्यार्थी पैथोलॉजी व फोरेंसिंक मेडिकल साइंस विषय में फेल हैं। परीक्षा नियंत्रक ओमप्रकाश को ज्ञापन देकर कॉपियों का किसी दूसरे शिक्षक से मूल्यांकन कराने की मांग की गई। 

विरोध प्रदर्शन में एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री नितिन माहेश्वरी, प्रदेश सह मंत्री प्रियंका तिवारी, प्रदेश विश्वविद्यालय संयोजक शुभम कश्यप के अलावा शुभम चौहान, निखिल ठाकुर, हरेंद्र सिंह, सनी चौधरी, शशांक, राज लोधी, राघवेंद्र सिंह, अतुल चौहान, रीतेश, आशीष, रेशमा, सौम्या गुप्ता, साक्षी, पलक आदि की उपस्थिति रही।  

तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा 

एबीवीपी के विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष पुनीत कुमार ने कहा कि संबंधित विषयों में जो छात्र पास भी हुए हैं, वह कृपांक (ग्रेस मार्क) पाकर। 10 दिन के अंदर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन अनिश्चितकालीन धरना देगा, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा। उपाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि समस्या रखने पहुंचने छात्रों को परेशान किया गया। सुरक्षाकर्मी छात्रों को प्रवेश से रोक रहे थे। धूप में एक छात्र की तबियत खराब हो गई। 

कॉपियों को स्कैन कराकर मूल्यांकन

विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा का कहना है कि बीएचएमएस तृतीय वर्ष में 935 में से 51 फीसदी और द्वितीय वर्ष में 776 में 36 फीसदी छात्र-छात्राएं फेल हैं। छात्रों की मांग पर कॉपियों को स्कैन कराकर विशेषज्ञों से मूल्यांकन कराया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें