बेटी को न समझें भार, जीवन का ये आधार
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आर्यश्री संस्था का वार्षिकोत्सव मंगलवार को डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस स्थित जेपी सभागार में मनाया गया। संस्था के सेंटरों पर मोटिवेट किए गए बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ‘बेटी को न समझें भार, जीवन का ये आधार’, ‘बच्चों को प्यार करें, बाल मजदूरी न कराएं’ जैसे संदेश लोगों तक पहुंचाए।
संस्था की तूलिका धवन कपूर ने बताया कि ये बच्चे बाल मजदूरी कर रहे थे। संस्था के प्रयास से मजदूरी से मुक्त हुए। इनको पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इनकी प्रतिभाओं को निखारने की कोशिश की जा रही है। बच्चों ने ‘मैं भी पढ़ूंगा,’ ‘तारे जमीं पर’ नृत्य नाटिका का मंचन कर विभिन्न संदेश देने की कोशिश की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. आरएस पारीक रहे। विशिष्ट अतिथियों में डा. शशि तिवारी, डा. राजीव शर्मा, सुदर्शन दुआ, लईक अहमद, शिशिर भगत आदि मौजूद रहे। संचालन अमित सूरी ने किया। देव चौधरी, सुमन गौर, निधि सैनी, पुनीता टंडन आदि ने व्यवस्था संभाली।
बेटी कोख से बोल रही, बेटियां क्यों पराई हैं
आगरा (ब्यूरो)। श्री रामकृष्ण इंटर कालेज, खंदारी में मंगलवार को स्थापना दिवस मनाया गया। इसमें प्राइमरी सेक्शन और अंग्रेजी माध्यम के छात्र-छात्राआें ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ‘बेटी कोख से बोल रही, बेटियां क्यों पराई हैं’ गीत पर नृत्य प्रस्तुति से बेटी बचाने का संदेश दिया।
प्रबंध संस्थापक डा. विष्णुदेव शर्मा और संरक्षक नारायण देव शर्मा ने शुभारंभ किया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से मतदान करने की अपील की। ‘मतदान हमारा अधिकार’ थीम पर नाटक की प्रस्तुति दी। रंगोली, मेहंदी, निबंध आदि प्रतियोगिताएं हुईं। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संचालन श्याम सुंदर पाल ने किया। प्रधानाचार्य सोमदेव सारस्वत ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।