रुपये न देने पर निर्माणाधीन आरआरसी सेंटर से एक खराब ईंट जांच के लिए ले गए। इसके बाद भी उन्होंने बीडीओ को फोन किया था। उनका आरोप है कि बीडीओ द्वारा अवैध वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वे जल्द ही इसकी शिकायत जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी करेंगे।
बीडीओ किशनी महेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि प्रधान नशे की हालत में फोन कर रहा था। वह कुछ भी बोल रहा था। अवैध वसूली के आरोप निराधार हैं। मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से ही ऑडियो प्राप्त हुआ है। यह बीडीओ किशनी का बताया जा रहा है। जांच कराई जाएगी, अगर बीडीओ दोषी हैं तो कार्रवाई होगी।